
जबलपुर। विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिला क्षय केंद्र में सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा के मुख्यातिथ्य में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के सौजन्य से 15 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण किया गया। विदित हो कि पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय द्वारा जूनोटिक टीबी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह में पशुजन्य क्षय रोग का मानव एवं पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों हेतु जागरूकता कार्यक्रम किये जा रहे हैं।

आज आयोजित इस कार्यक्रम में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय जबलपुर की प्रोफ़ेसर मधु स्वामी एवं उनकी टीम विशेष रूप से उपस्थित थीं। उनके द्वारा 15 टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में जिला क्षय अधिकारी डॉ संतोष सिंह ठाकुर, कोऑर्डिनेटर सुनील शर्मा, सीमांत ढिमोले, हल्दकर सहित समस्त स्टाफ की उपस्थिति थी।
कार्यक्रम के उपरांत विश्व टीबी दिवस के अवसर पर एक जनजागरूकता रैली भी जिला चिकित्सालय परिसर से निकाली गई, जिसका उद्देश्य था आम लोगों में टीबी के लक्षणों एवं उसके फैलाव को कैसे रोका जाए। बिना जन सहयोग के टीबी को खत्म करना मुश्किल है। टीबी को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए जन सहयोग एवं जन जागरूकता की महती आवश्यकता है। टीबी की जानकारी जन सामान्य को होगी तभी हम टीबी मुक्त भारत का सपना साकार कर पाएंगे।
जिले में 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान (फेज -2) का आज शुभारंभ हुआ
शासन के निर्देशानुसार विश्व क्षय दिवस के अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आज 24 मार्च को 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान का शुभारंभ भी हुआ। सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील जनसंख्या में सक्रिय टीबी की पहचान, शीघ्र निदान, उपचार, पोषण सहायता तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी को फैलने से रोकना है।
अभियान के अंतर्गत जिले में चिन्हित किए गए उच्च जोखिम गांवों में जनसँख्या की स्क्रीनिंग की जाएगी। आयुष्मान आरोग्य शिविरों में संभावित मरीजों की टीबी की पहचान के लिए एक्सरे के साथ एनीमिया के लिए ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बीएमआई की जांच की जाएगी। इसके साथ ही ग्राम वार एवं विकासखंड वार शिविर लगाकर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी।