
जबलपुर। चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के प्रथम चरण के अंतर्गत रामायण पर आधारित भव्य कला प्रदर्शनी “राम के रंग तुलिका के संग” का शुभारंभ रविवार को मानस भवन, जबलपुर की आर्ट गैलरी में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
इस अवसर पर पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी एवं अलका बिश्नोई द्वारा मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रशांत पोल, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नु, सांसद आशीष दुबे, सुमित्रा वाल्मीकि, अभिलाष पांडे, आयोजन अध्यक्ष अजय विश्नोई, आयोजन सचिव डॉक्टर अखिलेश गुमाश्ता, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, पंकज गौर, एडवोकेट रविरंजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संतगण एवं धर्मप्रेमी नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

2 से 4 जनवरी तक होगा चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस
उल्लेखनीय है कि चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन ब्रह्मर्षि मिशन समिति, श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, भोपाल एवं राम अवेयरनेस मूवमेंट के संयुक्त तत्वावधान में मानस भवन, जबलपुर में 2, 3 एवं 4 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
देश-विदेश की कलाशैलियों का अद्भुत संगम
प्रदर्शनी प्रभारी शैलजा सुल्लेरे ने बताया कि इस प्रदर्शनी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), नई दिल्ली से प्राप्त दुर्लभ कलाकृतियों सहित देश-विदेश की विविध कलाशैलियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया गया है।

गोंड जनजाति की गोंड रामायनी,
तेलंगाना की नक्शी डॉल,
पश्चिम बंगाल की पटचित्र कला,
बनारस, सरायकेला एवं बंगाल के मुखौटे,
आंध्र, केरल एवं इंडोनेशिया की छाया पुतली कला,
श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, भोपाल से आई 40 विशेष पेंटिंग्स,
पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी की कांगड़ा एवं राजस्थान शैली की मिनिएचर पेंटिंग,
अनुश्री बिश्नोई द्वारा धनुष पर उकेरा गया संपूर्ण सुंदरकांड,
डॉ. रूपरेखा चौहान की ओरछा के भगवान राजाराम पर आधारित पेन स्केच एवं मधुबनी चित्र,
स्थानीय कलाकारों द्वारा रियलिस्टिक, तंजौर एवं केरल म्यूरल शैली में निर्मित रामायण चित्र,
छत्तीसगढ़ के रामनामी संप्रदाय की विशिष्ट पेंटिंग्स शामिल हैं।

प्रदर्शनी के समय
प्रदर्शनी 28 दिसंबर 2025 से आमजन के लिए सुबह 11 बजे से सायं 7 बजे तक खुली रहेगी। वहीं 2, 3 एवं 4 जनवरी 2026 को यह सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेगी।
आयोजन में रहा विशेष सहयोग
इस आयोजन में डॉ. रेणु अरुणकांत पांडे, डॉ. रूपरेखा चौहान, रोहित कौशल, राजेश विश्वकर्मा एवं राकेश नेमा का विशेष सहयोग रहा।
अधिक संख्या में अवलोकन की अपील
आयोजन समिति की ओर से संकेत मलैया, पवित्र मिश्रा, विध्येश भापकर, अतुल मनोध्याय, शरद काबरा, एम.के. ढिमोले एवं भूपेंद्र उपाध्याय ने संस्कारधानी के धर्मप्रेमी जनमानस से अधिक से अधिक संख्या में इस रामायण आधारित कला प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है।
रिपोर्ट: विध्येश भापकर