रामनवमी पर चित्रकूट में 22 लाख दीपों से जगमगाएगी धर्मनगरी, ओरछा में होगा भव्य प्राकट्य पर्व

रामनवमी पर प्रदेश में ‘प्राकट्य पर्व’, ओरछा और चित्रकूट में भक्ति, संस्कृति और समृद्धि का संगम

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक नगरों ओरछा और चित्रकूट में इस अवसर पर भव्य आयोजन की तैयारियां की गई हैं। राजाराम की नगरी ओरछा में जहां प्राकट्य पर्व का आयोजन होगा, वहीं भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में इस वर्ष रामनवमी का पर्व ‘चित्रकूट गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड इन धार्मिक नगरों के समग्र विकास और भव्य आयोजनों के लिए विशेष प्रयास कर रहा है।

22 लाख दीपों से जगमगाएगी चित्रकूट की धरा

चित्रकूट में इस वर्ष रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को ‘चित्रकूट गौरव दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूरी धर्मनगरी 22 लाख दीपों की रोशनी से जगमग हो उठेगी। कार्यक्रम के तहत शाम के समय मां मंदाकिनी नदी के रामघाट, भरतघाट और श्री कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भव्य दीपदान किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर रंगोली सजाई जाएगी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्थानीय और लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें बुंदेलखंड का प्रसिद्ध दीवारी नृत्य विशेष आकर्षण रहेगा। रामनवमी की रात को और अधिक भव्य बनाने के लिए आकर्षक आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई है।

धार्मिक नगरों के विकास को मिल रहे नए आयाम

मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयराजा टी ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड राज्य के धार्मिक नगरों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। त्योहारों को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं तथा प्रदेश में पर्यटन को नई गति प्रदान करते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलती है।

आस्था, संस्कृति और विरासत का संगम है चित्रकूट धाम

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा चित्रकूट में विभिन्न विकास कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। श्रीरामचंद्र वन गमन पथ के माध्यम से चित्रकूट के समग्र विकास का संकल्प साकार हो रहा है। भरतघाट, राघव प्रयाग घाट, हनुमान धारा, मोकमगढ़ किला, सती अनुसुइया मंदिर, गुप्त गोदावरी, मंदाकिनी जानकी कुंड, आरोग्य धाम, कामदगिरि परिक्रमा, प्रमोद वन, स्फटिक शिला और राजोला में आईएसबीटी सहित कई स्थानों के विकास के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। साथ ही पैशवनी नदी पर बायो-रिवर परियोजना को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव बनेगा प्राकट्य पर्व

ओरछा में श्रीराम जन्मोत्सव की गरिमा के अनुरूप धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए प्राकट्य पर्व का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में बुंदेली लोक गायिका मुस्कान प्रजापति अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके साथ ही भगवान श्रीराम पर आधारित नृत्य-नाटिका ‘माण्डवी’ का मंचन अजय आरोणकर, भोपाल के निर्देशन में किया जाएगा। वहीं विदिशा की सौम्या शर्मा द्वारा भजनों की मधुर प्रस्तुति भी दी जाएगी।

ओरछा बन रहा वैश्विक पर्यटन का नया केंद्र

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ओरछा में पर्यटन विकास को निरंतर विस्तार दे रहा है। पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत ओरछा को अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस परियोजना को “स्वदेश दर्शन 2.0” और “ओरछा – ए मेडिएवल स्प्लेंडर 2.0” जैसी योजनाओं के साथ जोड़कर राज्य को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने का कार्य भी किया जा रहा है।

श्री रामराजा लोक के निर्माण में हो रहे विभिन्न विकास कार्य

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ओरछा में श्री रामराजा लोक के निर्माण कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। परियोजना के तहत मंदिर परिसर का संवर्द्धन, ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण, दुकानों और धर्मशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यटन क्षेत्र को भी नई दिशा प्राप्त होगी।

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