
जबलपुर। रायल राजपूताना लेडीज़ क्लब द्वारा स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ‘भारत-भक्ति उत्सव’ का आयोजन किया गया। देशभक्ति की गूंज और कन्हैया की मधुरता ने मिलकर मंच पर अद्भुत सांस्कृतिक संगम रचा। तिरंगे की थीम, मुरली की धुन और पुष्पवर्षा ने वातावरण को उल्लास व आस्था से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में क्लब की सदस्याओं के साथ नन्हें-मुन्ने बालक भी झांकियों और नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से मंच पर उतरे। कृष्ण-लीला की सहज छवियां और बच्चों की मनमोहक वेशभूषा ने दर्शकों की वाहवाही बटोरी। उपस्थित जनों ने राष्ट्रगान के साथ शुरुआत की और बाद में भजन, समूह-नृत्य तथा देशप्रेम से जुड़े कवितापाठ हुए।
इस अवसर पर श्रीमती विश्रान्ति सिंह, डॉ. अनुसूया सिंह और डॉ. शोभा सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन डॉ. आराधना चौहान, अल्पना परिहार, प्रियंका कल्पूरी, सीमा चौहान ‘जुग्गी’, सुनीता भदौरिया, अर्चना परिहार, रत्ना सिंह, अनुराधा सिंह, राजेश्वरी सिंह और शेफाली सिंह ने संभाला। सभी ने मंच-प्रबंधन, सजावट और अतिथियों के स्वागत की जिम्मेदारियां सुचारु रूप से निभाईं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में निधि राजपूत, कमाक्षी, संध्या, शेफाली, बिशु, प्रियंका, दिव्या, निकिता और रुचि ने अपने-अपने ‘लल्ला-कृष्ण’ रूप व देशभक्ति थीम के साथ प्रस्तुतियां दीं। रंगबिरंगी पोशाक, राधा-कृष्ण के संवाद और झूलन की झलकियां देर तक स्मरणीय रहीं। मंच पर तिरंगा, बांसुरी और मोरपंख जैसे प्रतीकों का संयोजन दिखा, जिसने एकता और परंपरा का संदेश दिया।
आयोजकों ने कहा कि यह उत्सव स्वतंत्रता के अमर बलिदानियों को नमन करने के साथ-साथ जन्माष्टमी की करुणा, प्रेम और नैतिकता का स्मरण कराने वाला रहा। कार्यक्रम ने न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक आस्थाओं का संगम प्रस्तुत किया, बल्कि राजपूताना परंपराओं की गरिमा, अनुशासन और सामुदायिक एकजुटता का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने क्लब की पहल की सराहना की और ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से कराने की कामना व्यक्त की।