
इन प्राचार्यों को किया सम्मानित
जिन प्राचार्यों को सम्मानित किया गया उनमें डॉ एलएस पाणिग्राही, डॉ अखिलेश सिंह, डॉ राकेश पाण्डेय, डॉ अनुराग सिंह राजपूत, डॉ रविराज सिंह, डॉ सचिन खेड़ेकर, डॉ श्रीकांत पटेल, डॉ देवदत्ता बादलीकर रहे। अन्य विशिष्ट्यगणों में डॉ साधना वायंगकर, डॉ सुरेन्द्र पटेल, डॉ प्रीति चोपड़ा को भी सम्मानित किया गया।
सेमिनार की सराहना की
सैम ग्रुप के वायस चेयरमेन अविराज चावला, वायस चांसलर एनके तिवारी, एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर कोपल सलूजा, रजिस्ट्रार डॉ ललित अवस्थी ने भी सेमीनॉर की सराहना की। एनसीआईएसएम के डॉ सुश्रुत कन्नौजिया ने सुसंतति के संदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य की मजबूती के साथ आहार, विहार व आयुर्वेदिक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया तथा सभी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में प्रसूतितंत्र व स्त्रीरोग विभागांतर्गत सुसंतती के संदर्भ में छात्रों व जूनियर डॉक्टर्स को चिकित्सा शिक्षकों द्वारा उचित अध्ययन-अध्यापन की बात कही। निश्चित रूप से सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी , विश्व आयुर्वेद परिषद व आरोग्य भारती के कोलाबरेशन द्वारा यह सेमीनॉर भविष्य में सुयोग्य संतानोत्पत्ति विषयक सहायक होगा जिसकी शुरुआत मप्र में सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी से हुई।
परिचर्चा के उपरांत समस्त प्राचार्यों ने आयुर्वेद संस्थानों व एनसीआईएसएम की मदद से विस्तार से जनजागृति के लिये नि:शुल्क हेल्थ शिविर व संपर्क अभियानों में तेजी पर बल दिया। नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन व आयुष मंत्रालय द्वारा चलाये गये राष्ट्रीय अभियान प्रकृति परीक्षण की मुक्तकंठ से सराहना की गई। इस सेमीनॉर में स्पेन, हॉलैण्ड, यूएस, श्रीलंका अंतराष्ट्रीय – राष्ट्रीय वक्ताओं व रिसर्चर ने भी अपने व्याख्यान दिये।