
जबलपुर। मानस भवन, जबलपुर में 2, 3 एवं 4 जनवरी को आयोजित होने जा रहा चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस इस वर्ष एक अनूठे आकर्षण का साक्षी बनेगा। ब्रह्मर्षि मिशन समिति, श्री रामचंद्र पाथ गमन न्यास भोपाल एवं श्री राम अवेयरनेस मूवमेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में जबलपुरवासियों को पहली बार सैंड आर्ट (रेत कला) का भव्य और जीवंत प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
पुरी के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट गोपाल सामंत करेंगे सृजन
इस विशेष अवसर पर ओडिशा के पुरी से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट गोपाल सामंत जबलपुर पहुंच रहे हैं। वे 1 जनवरी 2026 से मानस भवन की आर्ट गैलरी के मुख्य द्वार पर रेत से भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे।
नर्मदा की पवित्र रेत से बनेगा राम मंदिर
इस पावन कलाकृति के निर्माण हेतु मंडला से पवित्र नर्मदा नदी की रेत पहले ही जबलपुर लाई जा चुकी है। रेत से साकार होता राम मंदिर आस्था, कला और अध्यात्म का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
निर्माण प्रक्रिया प्रत्यक्ष देख सकेंगे दर्शक
इस सैंड आर्ट का सबसे विशेष आकर्षण यह होगा कि श्रद्धालु और दर्शक राम मंदिर के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को अपनी आंखों के सामने साकार होते हुए देख सकेंगे। यह अनुभव कला प्रेमियों और भक्तों के लिए अविस्मरणीय सिद्ध होगा।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार
सैंड आर्टिस्ट गोपाल सामंत ओडिशा के प्रसिद्ध रेत कलाकार हैं, जिन्होंने समुद्र तटों पर रेत से निर्मित अपनी अद्भुत कलाकृतियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्हें राष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल सम्मान, युवा कलाकार सम्मान, न्यूज़ सेवन एवं प्रमेय उत्कृष्ट अवार्ड, साधना शिखर सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम
रेत पर निर्मित यह भव्य राम मंदिर चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान में एक नया अध्याय जोड़ेगा और श्रद्धा, संस्कृति व कला का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
नर्मदा कलश स्थापना से होगा चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का भव्य एवं मंगल शुभारंभ
संस्कारधानी जबलपुर में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक चेतना का भव्य संगम देखने को मिलेगा, जब मानस भवन जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन 2, 3 एवं 4 जनवरी को किया जाएगा। इसके शुभारंभ से पूर्व द्वितीय चरण के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 को नर्मदा कलश स्थापना के साथ कार्यक्रम का मंगलारंभ होगा।
1 जनवरी को होगा नर्मदा कलश स्थापना समारोह
1 जनवरी को दोपहर 3 बजे मानस भवन सभागार में आयोजित इस विशेष समारोह में पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी, आयोजन अध्यक्ष अजय बिश्नोई, सचिव डॉ. अखिलेश गुमास्ता, पंकज गौर, एडवोकेट रविरंजन सहित अनेक साधु-संतों के गरिमामय सान्निध्य में डॉ. सुधीर अग्रवाल एवं श्री विनोद दीवान द्वारा पावन नर्मदा कलश की स्थापना की जाएगी।
25 हजार सुंदरकांड पाठ पूर्ण होने पर विशेष आयोजन
इसके पश्चात वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की सफलता हेतु शहर एवं ग्रामीण अंचलों में पंडित विनोद दुबे, राजेन्द्र नेमा एवं एम.के. ढिमोले के मार्गदर्शन में संपन्न कराए गए 25,000 सुंदरकांड पाठ पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नयागांव महिला मंडल एवं नेमा मानस मंडल द्वारा सांय 3.30 से 5.30 बजे तक संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।
रामायण विषय पर लाइव पेंटिंग होगी विशेष आकर्षण
इस दौरान प्रसिद्ध कलाकार डॉ. रेणु अरुण पांडे एवं उनकी टीम द्वारा रामायण विषय पर लाइव पेंटिंग प्रस्तुत की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी।
सहयोगी संस्थाओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम के अगले क्रम में सुंदरकांड पाठ में सहभागिता करने वाली समस्त समितियों, मानस मंडलों एवं सहयोगी संस्थाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा आयोजन
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत पुणे से पधारी प्रियल नाज पांडे गटकर द्वारा गीत रामायण की भावपूर्ण प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं जबलपुर की बाल कलाकार ईरा दीक्षित द्वारा श्री राम चंद्र कृपालु भज मन पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही वनवासी चेतना आश्रम छात्रावास की बालिकाओं द्वारा राम भजन की प्रस्तुती, विंग्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा शिव तांडव, शिव शक्ति नृत्य कला केंद्र जबलपुर द्वारा रमं राघवम् तथा त्रिविधा डांस एकेडमी की निलांगी कालांतरे द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
अधिकाधिक सहभागिता की अपील
आयोजकों ने संस्कारधानी के समस्त रामभक्तों, कला प्रेमियों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस विराट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता करने का आग्रह किया है।