रीवा के सरई में नौ रात्रि महोत्सव के चौथे दिन माँ काली की विशेष पूजा-अर्चना

जबलपुर से लाई गई भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण, दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

सरई, रीवा। ग्राम सरई में नव दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ रात्रि महोत्सव के चौथे दिन माँ काली की विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माँ काली के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

जबलपुर से लाई गई प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष महोत्सव का प्रमुख आकर्षण संस्कारधानी जबलपुर से लाई गई माँ काली की भव्य प्रतिमा है। प्रतिमा के ग्राम सरई पहुंचने पर ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ माता रानी का स्वागत किया। प्रतिमा की स्थापना के बाद से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। माँ काली का सुसज्जित दरबार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में सहभागिता की। विधि-विधान से पूजन और आरती के दौरान भक्तों ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

2020 में शुरू हुई भक्ति की ज्योत ने लिया भव्य आयोजन का रूप

ग्राम सरई में आयोजित यह नौ रात्रि महोत्सव अब धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का प्रमुख केंद्र बन गया है। वर्ष 2020 में मिश्रा परिवार द्वारा शुरू किया गया यह आयोजन छह वर्षों में ग्रामवासियों के सहयोग से भव्य धार्मिक महोत्सव का रूप ले चुका है। माँ काली के प्रति ग्रामीणों की अटूट आस्था इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई देती है।

नौ दिनों तक चलने वाले महोत्सव में माँ काली की पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु माता रानी के दरबार में पहुंचकर सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना कर रहे हैं।

संतों के मार्गदर्शन में हो रहा आयोजन

महोत्सव का आयोजन ब्रह्मचारी हिमांशु जी के मार्गदर्शन, नारायण स्वामी जी के सानिध्य और आचार्य राजाराम शास्त्री जी के आचार्यत्व में किया जा रहा है। आयोजन की व्यवस्थाओं का दायित्व व्यवस्थापक संदीप मिश्रा निभा रहे हैं।

महोत्सव को सफल बनाने में समिति के सदस्य बुद्धसेन मिश्रा, उग्रसेन मिश्रा, अग्रभान मिश्रा, बृजकिशोर मिश्रा, प्रभुनाथ, अशोक, हरिनाथ, शिवम, सत्यम, अंकित और प्रियांशु सहित अन्य सदस्यों का योगदान मिल रहा है। ग्राम सरई के निवासी भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं।

सामूहिक सहयोग से साकार हो रहा धार्मिक आयोजन

नव दुर्गा उत्सव समिति सरई द्वारा महोत्सव को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से पूजा-अर्चना, आरती और अन्य धार्मिक गतिविधियां श्रद्धापूर्वक संपन्न हो रही हैं।

माँ काली के जयकारों और भक्ति गीतों से गांव का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। महोत्सव के आगामी दिनों में भी धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा। संस्कारधानी जबलपुर से लाई गई माँ काली की प्रतिमा इस आयोजन की विशेष पहचान बनी हुई है। यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।