
जबलपुर। आर्ट ऑफ लिविंग वैदिक धर्म संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नवरात्रि महोत्सव एवं वैदिक यज्ञ का रविवार को मदन महल स्थित शारदा मंदिर के समीप ज्ञान क्षेत्र में समापन हुआ। इस अवसर पर श्री चंडिका होम एवं महाचंडी होम के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कार्यक्रम में स्वामी शिव तेज जी ने शक्ति जागरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए शक्ति का जागरण जरूरी है।
स्वामी शिव तेज जी ने कहा कि आसुरी शक्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमेशा से बाहर भी मौजूद है और हमारे भीतर भी। इन शक्तियों पर विजय प्राप्त करने के लिए आंतरिक शक्ति और चेतना का जागरण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने इसके लिए पद्मा साधना, सुदर्शन क्रिया और ध्यान जैसे साधना के मार्ग प्रदान किए हैं। इनका नियमित अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने सभी से सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देने का आह्वान भी किया।
चंडिका होम और महाचंडी होम के साथ हुआ समापन
तीन दिवसीय वैदिक महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को श्री चंडिका होम एवं महाचंडी होम का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न अनुष्ठानों में मां भगवती की आराधना की गई। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में श्रद्धा, साधना और सेवा के संदेश को प्रमुखता दी गई।
कन्या पूजन सहित विभिन्न पूजाएं संपन्न
समापन अवसर पर कन्या पूजन, सुहागिन पूजा और वृद्ध दंपति पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का आयोजन हुआ। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में वैदिक परंपराओं, हवन, पूजन और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से नवरात्रि का उत्सव मनाया गया।

आर्ट ऑफ लिविंग के इस आयोजन में शक्ति की उपासना के साथ नियमित साधना, आत्मिक जागरण और समाजसेवा के महत्व का संदेश दिया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
इस अवसर पर नीरज बरसैयां, वंदना बरसैयां, वैदिक धर्म संस्थान कोऑर्डिनेटर पद्मश्री मुद्गल, नीलम शर्मा, मनीषा परमार, विकास मालिक, अंकित गर्ग, शरद बड़गैया, मीता परमार और अमन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।