
जबलपुर। आई तुलजा भवानी मंदिर, त्रिशूलभेद, न्यू भेड़ाघाट में क्षत्रिय मराठा समाज जबलपुर द्वारा स्थापित मराठा समाज और छत्रपति शिवाजी महाराज की कुल स्वामिनी पार्वती स्वरूपा तुलजा भवानी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के नौ दिवस माता का नौ विभिन्न रूपों से श्रृंगार किया जा रहा है। मराठी पद्धति से बने महाराष्ट्र से आये आभूषणों से माता का विशेष अलंकरण किया जा रहा है।

नौ दिनों तक नौ रूपों में हो रहा माता का श्रृंगार
चैत्र नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन तुलजा भवानी माता का अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया जा रहा है। महाराष्ट्र से आये पारंपरिक आभूषणों से माता को सजाया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन भवानी माता के भक्त आई भवानी के दर्शन कर अभिभूत हो रहे हैं।
महाकौशल में मराठा परंपरा की झलक
सर्वविदित है कि महाकौशल क्षेत्र में मराठा शासनकाल के दौरान बड़ी संख्या में मराठी भाषी लोग यहां आये और यहीं बस गए। जबलपुर संस्कारधानी के पौराणिक महत्व के त्रिशूल भेद नाना खेड़ा न्यू भेड़ाघाट में स्थापित आई तुलजा भवानी का श्रीविग्रह महाराष्ट्र से जुड़े लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है।
मराठी पद्धति और वैदिक विधि से हो रही पूजा
मंदिर में वर्ष भर प्रतिदिन तीन प्रहर पूजा की जाती है और दोनों नवरात्रों में मराठा कुलाचार के अनुसार महाराष्ट्रीयन पद्धति से वैदिक आचार्यों द्वारा सप्तशती पाठ और विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
भक्तों की उमड़ रही भीड़
इस भव्य आयोजन में माता के श्रृंगार और पूजा-अर्चना में शामिल होकर भक्तगण अपने आप को भाग्यशाली मान रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और श्रद्धालु माता के दर्शन कर अपने जीवन को पुण्यमय बना रहे हैं।