
मुंबई: यूनिसेफ ‘युवाह’ (UNICEF YuWaah) को ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ 2026 के लिए युवाओं को जोड़ने वाला आधिकारिक पार्टनर बनाया गया है। यह कार्यक्रम 17 से 19 फरवरी 2026 तक मुंबई में आयोजित किया जाएगा। यूनिसेफ इंडिया, ‘प्रोजेक्ट मुंबई’ और ‘युवाह’ के साथ मिलकर जनवरी महीने से ही कई गतिविधियां शुरू करेगा। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को पर्यावरण से जुड़े विमर्श और निर्णय प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी का अवसर देना है।
जलवायु समाधान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी
मुंबई क्लाइमेट वीक भारत का पहला ऐसा मंच है, जो शहर के नागरिकों की भागीदारी से पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के समाधान तलाशने का प्रयास करेगा। इसका उद्देश्य जलवायु से जुड़ी नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करना है। चूंकि जलवायु संकट बच्चों के अधिकारों से भी गहराई से जुड़ा है, इसलिए यूनिसेफ इंडिया, युवाह और प्रोजेक्ट मुंबई मिलकर पूरे सप्ताह बच्चों और युवाओं के अनुभवों व सुझावों को प्रमुखता से सामने लाएंगे।
युवाओं की भूमिका पर यूनिसेफ का दृष्टिकोण
इस पहल पर यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने कहा कि बच्चे और युवा बदलाव लाने की एक बड़ी शक्ति हैं। पर्यावरण संरक्षण के समाधानों में बच्चों को केंद्र में रखकर यूनिसेफ सरकारों के साथ मिलकर उनके अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के लिए कार्य कर रहा है। मुंबई क्लाइमेट वीक युवाओं को ई-वेस्ट जैसी चुनौतियों पर समाधान खोजने का मंच प्रदान करता है।
कैंपस क्लाइमेट रोड शो का आयोजन
मुंबई क्लाइमेट वीक की तैयारियों के तहत यूनिसेफ ‘युवाह’ 9 से 16 फरवरी 2026 के बीच मुंबई के चुनिंदा कॉलेजों में ‘कैंपस क्लाइमेट रोड शो’ आयोजित करेगा। इसमें ई-वेस्ट से तैयार की गई विशेष प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से ‘मिशन लाइफ’ के अंतर्गत तैयार की गई है।
कॉलेज परिसरों से नीतिगत संवाद तक
कॉलेज परिसरों में इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों की भागीदारी को बढ़ाने और जलवायु कार्रवाई को नीतिगत व नागरिक चर्चाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे युवाओं की भूमिका को स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम होगा।
यूथ ग्रीन इनोवेशन चैलेंज
यूनिसेफ ‘युवाह’ मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 के तहत ‘यूथ ग्रीन इनोवेशन चैलेंज’ का भी समर्थन कर रहा है। यह 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए एक राष्ट्रीय मंच है, जिसमें खाद्य प्रणाली, शहरी विकास और ऊर्जा जैसे तीन प्रमुख विषयों पर नवाचार आमंत्रित किए गए हैं। चयनित युवाओं को अपने समाधान प्रदर्शित करने और नीति निर्माताओं से संवाद का अवसर मिलेगा।
प्रोजेक्ट मुंबई की भूमिका
‘प्रोजेक्ट मुंबई’ के संस्थापक और सीईओ शिशिर जोशी ने कहा कि कैंपस रोड शो और यूथ ग्रीन इनोवेशन चैलेंज मुंबई क्लाइमेट वीक की मूल भावना को दर्शाते हैं। इन पहलों के माध्यम से युवाओं का एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो फरवरी के बाद भी जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा।
यूनिसेफ की दीर्घकालिक जलवायु रणनीति
यूनिसेफ इंडिया अपने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, WASH और बाल संरक्षण कार्यक्रमों में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को एकीकृत कर रहा है। इसमें जलवायु-सक्षम अस्पताल, पर्यावरण अनुकूल स्कूल, स्वच्छ जल एवं स्वच्छता प्रणालियां शामिल हैं। ‘मेरी लाइफ’ प्लेटफॉर्म पर अब तक 3.19 करोड़ से अधिक पर्यावरण हितैषी कार्य दर्ज किए जा चुके हैं, वहीं महाराष्ट्र में 10 लाख से अधिक युवाओं को इस अभियान से जोड़ा गया है।