
नई दिल्ली। जयपुर राजस्थान, भोपाल मप्र, रायपुर छत्तीसगढ़, पटना बिहार समेत देशभर के 436 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को सत्र 2025-26 की मान्यता भारतीय चिकित्सा पद्दति राष्ट्रीय आयोग केंद्रीय आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने प्रदान कर दी है।
जारी सूची के अनुसार राजस्थान 06 शासकीय के साथ दो निजी आयुर्वेद महाविद्यालय, मध्यप्रदेश के 07 शासकीय क्रमश: भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रीवा , बुरहानपुर व 25 निजी आयुर्वेद कॉलेजों को मिलाकर कुल 32 आयुर्वेद कॉलेज,छत्तीसगढ़ में 02 शासकीय क्रमश: रायपुर व बिलासपुर तथा 05 निजी आयुर्वेद कॉलेज, बिहार की बात करें तो 01 शासकीय आयुर्वेद कॉलेज पटना व अन्य 03 निजी आयुर्वेद कॉलेज समेत देशभर के 25 राज्यों में आंध्रप्रदेश , अरुणांचल प्रदेश, असम, गोवा, जम्मू- काश्मीर, पॉण्डिचेरी के 01-01 कॉलेज, नईदिल्ली, मेघालय, तेलंगाना के 02-02 कॉलेज, हिमांचल के 03, बिहार के 04, हरियाणा के 12, छत्तीसगढ़ के 07, गुजरात के 38, कर्नाटक के 76, केरला के 18, मध्यप्रदेश के 32, महाराष्ट्र के 111, ओडीसा के 05, पंजाब के 13, राजस्थान के 08, तमिलनाडु के 04, उत्तरप्रदेश के 75, उत्तराखण्ड के 14, वेस्ट बेंगाल के 04 आयुर्वेद कॉलेज समेत कुल 436 कॉलेजों को मान्यता मिली है।
यह जानकारी आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पांडेय ने दी।
डॉ राकेश पांडेय का कहना है कि संभावना है कि शेष लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा कॉलेजों की मान्यता पर निर्णय नीट आयुष काउंसलिंग के पूर्व हो जायेगा। बोर्ड्स ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना नीट प्रवेश नहीं होगा।
ज्ञात रहे कि प्रदेश समेत देशभर में आयुर्वेद यूजी -पीजी समेत लगभग 600 कॉलेजों की 40 हजार से ज्यादा सीटें संचालित हैं। विभिन्न कॉलेजों में जहां बीएएमएस यूजी व एमडी-एमएस पीजी सीटें संचालित हैं। नीट 2025 परीक्षा में देशभर के लगभग 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुये थे।