प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा: रोजगार पंजीयन न होने से बेरोजगार नहीं भर पा रहे आवेदन फार्म

रोजगार पंजीयन अनिवार्य, लेकिन पोर्टल कर रहा परेशान

जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा- 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। अंतिम तिथि 1 अगस्त निर्धारित की गई है। लेकिन जिन बेरोजगारों का अब तक रोजगार पंजीयन नहीं हुआ है, उनके लिए यह फॉर्म भरना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वजह है- मप्र सरकार का रोजगार पोर्टल (mprojgar.gov.in), जो छात्रों के अनुसार पिछले कई महीनों से सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा।

छात्रों का दर्द: पोर्टल नहीं चल रहा, कैसे भरें फॉर्म

दमोह निवासी अभ्यर्थी रुचि नायक का कहना है, “मैं पिछले दो हफ्तों से फॉर्म भरने की कोशिश कर रही हूं। रोजगार पंजीयन के लिए कियोस्क जाती हूं, लेकिन पोर्टल खुलते ही अटक जाता है। रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिल पा रहा, जबकि फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख नजदीक है।”

वहीं जबलपुर की अंशिका बताती हैं, “मैंने कई बार प्रयास किया, लेकिन हर बार वेबसाइट ‘लोडिंग’ में अटक जाती है। बिना पंजीयन नंबर के हम फार्म कैसे भरें? सरकार को यह तकनीकी समस्या तुरंत हल करनी चाहिए।”

कियोस्क संचालकों की आपबीती

दमोह के कियोस्क संचालक आशुतोष सुहाने कहते हैं, “करीब तीन-चार महीने से पोर्टल में लगातार समस्या आ रही है। कई कॉलम भरने होते हैं, लेकिन जैसे ही आगे बढ़ते हैं, पोर्टल रुक जाता है। छात्र रोज चक्कर लगाते हैं, लेकिन हम भी मजबूर हैं।”

ग्वालियर से संचालक राजेश शर्मा बताते हैं, “हर दिन दर्जनों छात्र आते हैं, लेकिन पोर्टल 90% समय तक या तो लोड नहीं होता या प्रोसेसिंग के दौरान रुक जाता है। कई बार डाटा भरने के बाद सारी एंट्री गायब हो जाती है।”

भोपाल के सचिन साहू ने कहा, “हमने तो अब छात्रों को पहले ही मना कर दिया है कि पंजीयन की गारंटी नहीं है। पोर्टल बहुत स्लो है और अक्सर सर्वर डाउन हो जाता है। इतना बड़ा पोर्टल अगर संविदा भर्ती जैसी प्रमुख परीक्षा के दौरान काम नहीं करे, तो छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाता है।”

प्रदेश भर में हजारों छात्र हैं परेशान

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा- 2025 में भाग लेने के लिए रोजगार पंजीयन अनिवार्य रखा गया है, लेकिन पोर्टल की इस तकनीकी समस्या से प्रदेशभर के हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी पोर्टल की यह स्थिति एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। यह केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य का सवाल है।

छात्रों का आरोप है कि अब तक इस समस्या को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट तकनीकी समाधान या वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है। छात्रों की मांग है कि या तो पोर्टल को दुरुस्त किया जाए या फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें चयन परीक्षा से वंचित न होना पड़े।

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