आरएसएस देशभर में चलाएगा गृह संपर्क अभियान, देश-समाज के हालात पर करेगा चिंतन

संघ शताब्दी वर्ष पर हिंदू बस्ती में होंगे हिंदू सम्मेलन

जबलपुर। आरएसएस शताब्‍दी वर्ष में देशभर में गृह संपर्क अभियान चलाएगा। देश व समाज के हालात पर चिंतन किया जाएगा। यह बात संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पत्रकारवार्ता में कही। पत्रकारवार्ता में महाकोशल प्रांत के संघचालक डा.प्रदीप दुबे मौजूद रहे। मालूम होकि संघ की कार्यकारिणी की बैठक जबलपुर में चल रही है।

संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिन तक यह बैठक होगी।

विशिष्‍ट जनों से किया जाएगा संपर्क

सुनील आंबेकर ने कहा कि गृह संपर्क अभियान में विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी।

उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेषरूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। इसमें ऐसी महिला,माताओं से भी संपर्क होगा।

बैठकों में होगी चर्चा

सुनील आंबेकर ने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में सामाजिक जीवन पर होने वाली बातों के अलावा शताब्दी वर्ष को लेकर देश में जहां-जहां भी जो कार्यक्रम हुए उस पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष पर देशभर में सरसंघचालक डा.भागवत और सरकार्यवाह, सह सरकार्यवाह का प्रवास है। इस दौरान कई कार्यक्रम बन रहे हैं जिसमें वे सार्वजनिक रूप से भी कई स्थानों पर संवाद करेंगे। मातृ भूमि को मानने वाला हिंदू- घर वापसी को लेकर सवाल में सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ ने व्यापक रूप से माना कि जो मातृ भूमि को मां मानता है वो सभी हिंदू है।

इन बातों पर होगा चिंतन

  • शताब्दी वर्ष के जो आयोजन अब तक हुए उस पर चिंतन और लोगों के विशिष्ट लोगों अनुभव साझा होंगे।
  • गृह संपर्क देशभर में चलेगा। प्रांत की योजना बनेगी। 25-40 दिन का यह अभियान होगा।
  • पंच परिवर्तन का संदेश सामाजिक परिवर्तन की द्ष्टि से कुटुम्ब प्रबोधन,सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अुनकूल जीवन शैली,
  • अभिव्यक्ति का विषय और नागरिक कत्वर्य बोध के विषय होगा। नवंबर से जनवरी तक यह अधिकांश प्रांत में अभियान चलेगा।
  • हिंदू सम्मेलन को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। क्या-क्या आयोजन तय हुआ है इस पर बात होगी।
  • शताब्दी वर्ष को लेकर विभिन्न कार्यक्रम बने है इसमें युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम बने हुए हैं।
  • संघ के अलग-अलग स्वयं सेवकों के कार्य में सहयोग हो और लोगों के अच्छे कार्य का अनुभव संघ लेकर साथ कार्य करे इस पर भी चिंतन होगा।
  • सरसंघचालक का विशेष संवाद बैंगलुरू में 8 और 9 नवंबर और 21 दिसंबर को कोलकाता और मुबंई में 7-8 फरवरी को ऐसा आयोजन होगा। इसके अलावा कई अन्य प्रांतों में भी आयोजन होंगे जिसमें कई सार्वजनिक कार्यक्रम है जिसमें वे अपने विचार करेंगे। उनके अलावा सरकार्यवाह समेत अन्य पदाधिकारियों के प्रवास भी ऐसे ही रहेंगे।

संघ की बैठक जबलपुर में है खास- 1982 के बाद अब हो रही संघ की बैठक शहर में

जबलपुर। राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ शताब्‍दी वर्ष मना रहा है। खास बात यह है कि इस शताब्दी वर्ष में संघ के महाकोशल प्रांत के केंद्र जबलपुर में यह बैठक 43 साल बाद हो रही है। इसके पूर्व 1982 में तत्कालीन सरसंघचालक बाला साहब देवरस की मौजूदगी में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठके आयोजित हुई थीं।

शताब्‍दी वर्ष में यह बैठकें 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 को जबलपुर मप्र में होंगी। इसमें सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी 6 सह-सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुखों सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहेंगे।
इस बैठक में संघ के सभी 46 प्रांतों के संत संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक भी शामिल होंगे।

दशहरा के समय सरसंघचालक डा.मोहन भागवत ने नागपुर में संदेश दिया था। जिसको लेकर देशभर में स्वयंसेवकों ने कार्य किया। उस कार्य की समीक्षा होगी। सभी 46 प्रांतों के प्रतिनिधि शताब्दी वर्ष में उनके द्वारा जमीनी स्तर पर जो काम किए गए उसका ब्यौरा संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के सामने देंगे। प्रांत बार मौजूदा हालात और समसामयिक मुद्दों पर इस बैठक में विचार विमर्श होगा। शताब्‍दी वर्ष में महाकोशल क्षेत्र के जबलपुर में होने वाली यह बैठकें खास होंगी।

43 साल बाद जबलपुर के चयन को लेकर भी चर्चाएं हैं। तत्‍कालीन सरसंघचालक बाला साहेब देवरस के नेतृत्‍व में आयोजित उस दौरान की बैठकों से निकले संदेश पर संघ ने कार्य किया था। इन बैठकों से निकलने वाले संदेश के आधार पर पूरे भारत में संघ कार्य करेगा।

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