
जबलपुर। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत विभाग ने गुरुवार को शहर के चिह्नित इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया। जेसू पूर्व संभाग की टीमों ने चांदनी चौक, पसियाना, बहोराबाग, मदार टेकरी, स्लाटर हाउस, चारखंभा और मोतीनाला सहित कई क्षेत्रों में घर-घर जाकर कनेक्शनों की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 150 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के प्रकरण बनाए गए।
जांच में विभाग को स्मार्ट मीटरों से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग करने के मामले भी मिले। अधिकारियों के अनुसार कुछ उपभोक्ताओं ने मीटर की व्यवस्था में हस्तक्षेप कर वास्तविक खपत को कम दिखाने का प्रयास किया था। तकनीकी जांच के आधार पर पहले से संदिग्ध कनेक्शनों को चिन्हित किया गया था, जिसके बाद टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
मौके पर काटे कनेक्शन
बिजली चोरी मिलने के बाद विभाग ने केवल प्रकरण दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। संबंधित कनेक्शनों को तत्काल काट दिया गया। इसके लिए दो अतिरिक्त बिजली गैंग भी अभियान में लगाई गई थीं। टीमों ने पोल से भी अवैध कनेक्शन हटाए। प्रत्येक मामले में पंचनामा तैयार कर नियमानुसार बिलिंग की गई।
विभाग के मुताबिक कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपये से अधिक की दंडात्मक राशि के अनंतिम निर्धारण आदेश जारी किए गए हैं। इनमें अलग-अलग उपभोक्ताओं से बिजली चोरी की मात्रा और नियमानुसार लगाए गए दंड के आधार पर राशि निर्धारित की गई।
बड़े उपभोक्ता भी नहीं बचे
अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों को यह भी पता चला कि बिजली चोरी केवल छोटे घरेलू कनेक्शनों तक सीमित नहीं है। कई बड़े मकानों में भी अनियमितता मिली। इससे पहले तकनीकी डाटा और लाइन लॉस के आधार पर ऐसे क्षेत्रों और कनेक्शनों का विश्लेषण किया गया था, जहां बिजली चोरी की आशंका अधिक थी।
विरोध के बीच जारी रही कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में जेसू पावर हाउस के कार्यपालन अभियंता हरीश गुप्ता सहित 12 कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंताओं की टीमें शामिल रहीं। कुछ स्थानों पर कार्रवाई को लेकर विरोध की स्थिति बनी, लेकिन टीम में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ कार्रवाई जारी रखी गई।
30 दिन बाद न्यायालय में परिवाद
अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि अनंतिम निर्धारण आदेश जारी होने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में राशि जमा करनी होगी। यदि 30 दिन की अवधि में बिजली चोरी से संबंधित राशि जमा नहीं की जाती है तो नियमानुसार परिवाद पूर्व सूचना देकर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।