एमपी ट्रांसको ने तीन माह में स्थापित किया 50 एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर

इंदौर के महालक्ष्मी नगर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हुई, करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को होगा लाभ

जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने इंदौर के 132 केवी जीआईएस महालक्ष्मी नगर सबस्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। चुनौतीपूर्ण मौसमी परिस्थितियों के बीच लगभग तीन माह में पूरा किए गए इस कार्य से सबस्टेशन की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। यह एमपी ट्रांसको का प्रदेश में 1060वां पावर ट्रांसफार्मर बताया गया है।

दशहरा और दीपावली के दौरान बिजली की बढ़ती मांग के साथ आगामी गर्मियों में संभावित विद्युत भार को ध्यान में रखकर यह अतिरिक्त क्षमता विकसित की गई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में बिजली पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सात फीडरों से करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति

महालक्ष्मी नगर स्थित 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन से 33 केवी के सात फीडरों के माध्यम से पश्चिमी इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस व्यवस्था से लगभग 90 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के चालू होने से सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे बढ़ती मांग के अनुरूप पारेषण व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

इंदौर की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1366 एमवीए हुई

एमपी ट्रांसको इंदौर के अधीक्षण अभियंता जयेश चौपड़ा ने बताया कि नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद इंदौर शहर की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 1366 एमवीए हो गई है। वहीं, मध्यप्रदेश की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 85,678 एमवीए तक पहुंच गई है।

अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना से इंदौर में विद्युत पारेषण नेटवर्क की क्षमता बढ़ी है। आगामी समय में बिजली की मांग में होने वाली वृद्धि को देखते हुए यह विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।