
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार महिला मतदाताओं ने एक नई मिसाल कायम की है। जिस तरह से महिलाओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उसने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। आंकड़े बताते हैं कि बिहार में पुरुष मतदाताओं की संख्या भले ही महिलाओं से 42,33,575 अधिक हो, लेकिन मतदान प्रतिशत के मामले में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे रहीं।
महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से 8.8% अधिक
राज्य में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 8.8% अधिक दर्ज किया गया है। यह अंतर बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। जहां पुरुष मतदाताओं में 62.8% ने वोट डाला, वहीं महिला मतदाताओं में 71.6% ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। यह स्पष्ट संकेत है कि महिला मतदाता अब राजनीति के केंद्र में हैं और सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
कुल मतदान ने बनाया रिकॉर्ड
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 66.91% मतदान हुआ, जो 1951 के बाद से राज्य में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इसे ऐतिहासिक चुनाव कहा जा सकता है। दोनों चरणों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। पहले चरण में महिला मतदान प्रतिशत 69.04% और पुरुष मतदान प्रतिशत 61.56% रहा, जबकि दूसरे चरण में महिलाओं ने 74.03% और पुरुषों ने 64.1% मतदान किया।
फैक्ट फाइल: चरणवार मतदान का विवरण
पहला चरण: महिला मतदाता – 1,76,77,219 | मतदान प्रतिशत – 69.04%
पुरुष मतदाता – 1,98,35,325 | मतदान प्रतिशत – 61.56%
दूसरा चरण: महिला मतदाता – 1,74,68,572 | मतदान प्रतिशत – 74.03%
पुरुष मतदाता – 1,95,44,041 | मतदान प्रतिशत – 64.1%
कुल मिलाकर:
महिला मतदाता – 3,51,45,791 | मतदान प्रतिशत – 71.6%
पुरुष मतदाता – 3,93,79,366 | मतदान प्रतिशत – 62.8%
कुल मतदाता (दोनों चरणों में) – 7,45,26,858 | कुल मतदान प्रतिशत – 66.91%
चरणवार अंतर और रुझान
पहले चरण में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 7.48% अधिक रहा जबकि दूसरे चरण में यह अंतर बढ़कर 9.93% तक पहुंच गया। औसतन दोनों चरणों को मिलाकर महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से 8.8% अधिक रहा। यह रुझान दर्शाता है कि बिहार की महिलाएं अब केवल मतदाता नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से जागरूक निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं।
किसके पक्ष में जाएगा यह वोट?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कहना फिलहाल कठिन है कि महिलाओं का यह निर्णायक वोट किस दल के पक्ष में जाएगा। जदयू ने जहां चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में ₹10,000 की राशि ट्रांसफर की, वहीं आरजेडी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं को ₹30,000 की एकमुश्त सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया।
दूसरी ओर, एग्जिट पोल एनडीए की सरकार बनने के संकेत दे रहे हैं, जबकि आरजेडी ने इन दावों को खारिज कर दिया है। अब नतीजे ही तय करेंगे कि महिलाओं का यह उत्साही मतदान किस राजनीतिक दल के पक्ष में गया और बिहार की अगली सरकार किसके हाथों में होगी।