Kalimath Jabalpur: वृद्ध माताएं भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर, उनका सम्मान ही सच्ची सेवा

कालीमठ मदनमहल में 50वीं स्वर्णिम वर्षगांठ कार्यक्रम का शुभारंभ

जबलपुर। श्री सिद्ध शक्तिपीठ कालीमठ, मदनमहल आमनपुर में 12 से 19 नवम्बर तक माँ निरंकार काली की 50वीं स्वर्णिम वर्षगांठ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर माँ निरंकार काली लोक कल्याण सेवा समिति द्वारा सफाई कर्मियों एवं वृद्ध माताओं का पूजन एवं सम्मान कालीमठ के महंत चंद्रशेखरानंद जी महाराज द्वारा किया गया। अनिल उसरेटे ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की।

दंडी स्वामी कालिकानंद सरस्वती स्वामी प्यारेनंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारी वृद्ध माताएं भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर हैं और उनका सम्मान करना ही सच्ची सेवा है।

उन्होंने आगे कहा कि “वृद्धों की सेवा में ही नारायण के दर्शन होते हैं।”

समिति और श्रद्धालुओं की सहभागिता

इस आयोजन में माँ निरंकार काली लोक कल्याण सेवा समिति के भैयाराम अवस्थी, पूरन सिंह राजपूत, संतोष केशरवानी, अनिल सराठे बबलू, धर्मेश तिवारी, अजय ग्रोवर, मुकेश तिवारी, शेखर ठाकुर, रवि बाबा, अनिल उसरेटे, अजय यादव, अभिषेक चौकसे, अमित मिश्रा, शैलेष श्रीवास, रोहित तिवारी, मदन गोपाल साहू, विनोद लोखंडे, बृजल चौकसे आदि उपस्थित रहे।

समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की।

कालीमठ आमनपुर में शतचंडी महायज्ञ और स्वर्णिम वर्षगांठ कार्यक्रम

17 नवंबर 2025 : शतचंडी महायज्ञ और संत समागम

सुबह 8 बजे से श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण और शतचंडी महायज्ञ प्रारंभ होगा।

सुबह 11 बजे प्रेम नगर गुरुद्वारा साहिब की संगत द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया जाएगा।

दोपहर 2 बजे से शतचंडी महायज्ञ में आहूति दी जाएगी।

शाम 4 बजे से संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों का समागम होगा।

18 नवंबर 2025 : किन्नर सम्मान समारोह और संत सम्मेलन

सुबह 8 बजे से श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण और शतचंडी महायज्ञ का क्रम जारी रहेगा।

सुबह 10 बजे किन्नर सम्मान समारोह एवं भोज का आयोजन किया जाएगा।

सांय 4 बजे संतों का सम्मेलन आयोजित होगा।

19 नवंबर 2025 : ऋषि पूजन और महायज्ञ पूर्णाहुति

सुबह 8 बजे से श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण और शतचंडी महायज्ञ प्रारंभ होगा।

सुबह 11 बजे ऋषि जाबालि सहित समस्त ऋषि-मुनियों का पूजन, संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा।

दोपहर 2 बजे श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण विश्राम तथा शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

20 नवंबर 2025 : स्वर्णिम वर्षगांठ विशेष पूजन और आकाशीय महाआरती

मां निरंकार काली के प्राकट्य दिवस पर ब्रह्म मुहूर्त से रात्रि तक वैदिक ऋचाओं एवं आचार्यों के माध्यम से विशेष पूजन-अर्चन होगा।

दिनभर भंडारा एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।

सायं 5 बजे माँ का भव्य श्रृंगार दर्शन होगा।

रात्रि 12 बजे आकाशीय महाआरती का आयोजन होगा।

 

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