रक्षाबंधन 2025: पूरे दिन रहेगा शुभ मुहूर्त, इस बार भद्रा काल का साया नहीं, जानें सुखद संयोग

भद्रा का स्‍वर्ग में निवास रहेगा इसलिए यह अत्‍यंत शुभ माना जा रहा है

रवीन्‍द्र सुहाने

जबलपुर। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक होता है। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार 9 अगस्त 2025 को पड़ रहा है। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा और भद्रा काल का कोई साया नहीं होगा। ऐसे में बहनें सुबह से लेकर देर शाम तक किसी भी समय अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।

भद्रा रहित राखी: सौ वर्षों में एक दुर्लभ संयोग

पंडित अयोध्‍या प्रसाद बिदुआ के अनुसार रक्षाबंधन 2025 में भद्रा काल पूरी तरह अनुपस्थित रहेगा। यह एक दुर्लभ संयोग है जो कई वर्षों में एक बार आता है। यह सुखद संयोग 100 वर्ष बाद आया है। पिछले वर्षों में कई बार ऐसा हुआ कि रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल के चलते बहनों को राखी बांधने के लिए विशेष समय का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। बहनें मनचाहे समय पर अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। इस दौरान भद्रा का स्‍वर्ग में निवास रहेगा इसलिए यह अत्‍यंत शुभ माना जा रहा है।

रक्षाबंधन का महत्व और सांस्कृतिक भाव

रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है। यह दिन बहन-भाई के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का संदेश देता है। राखी बांधते समय बहनें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर बहन की रक्षा का वचन देते हैं। इस बार का रक्षाबंधन इसलिए और भी खास हो गया है क्योंकि किसी कालवेला या ग्रहण का असर नहीं है।

ज्योतिषीय नजरिए से रक्षाबंधन 2025

आचार्य सौरभ उपाध्‍याय के अनुसार जब रक्षाबंधन पर भद्रा काल न हो, तो उस दिन राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में और मजबूती आती है। इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में स्थित रहेगा और यह नक्षत्र भाई-बहन के रिश्तों के लिए शुभ माना जाता है। साथ ही, चंद्रमा की स्थिति भी मानसिक शांति और परस्पर प्रेम को प्रबल करेगी।

परिवारों में उल्लास, बाजारों में रौनक

रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर को देखते हुए बाजारों में राखियों की खरीददारी शुरू हो चुकी है। चांदी, कुंदन, बीड्स और डिजाइनर राखियों की मांग अधिक है। मिठाइयों और उपहारों की दुकानों पर भी भीड़ रहने की संभावना है। बहनों और भाइयों में इस बार बिना किसी समय सीमा की चिंता के पर्व मनाने की प्रसन्नता अभी से है।

यह रक्षाबंधन रहेगा विशेष

रक्षाबंधन 2025 इस कारण से और भी यादगार बनने जा रहा है क्योंकि इसमें किसी प्रकार का ग्रहण, भद्राकाल या अमंगल योग नहीं है। दिनभर शुभ मुहूर्त का होना इस पर्व को सभी भाई-बहनों के लिए विशेष बना देता है। यह अवसर एक नई ऊर्जा और प्रेमभाव लेकर आएगा।