
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी अब राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। मंगलवार को हुई विधानमंडल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।
बैठक के दौरान विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन दिलीप जायसवाल ने किया। इसके बाद पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की।
बुधवार को होगा शपथ ग्रहण
बुधवार सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं।
नीतीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 3:15 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने लोकभवन जाकर अपना पद छोड़ा। इस दौरान जदयू के कई नेता भावुक नजर आए।
नीतीश कुमार पहली बार वर्ष 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, हालांकि बहुमत नहीं होने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। वर्ष 2005 में सत्ता में वापसी के बाद वे कुल 10 बार मुख्यमंत्री रहे।
सम्राट चौधरी पर बनी सहमति
विधानमंडल की बैठक के बाद एनडीए की बैठक में भी सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लग गई। वे बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनेंगे।
राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरजेडी से की थी। वर्ष 2000 में उन्होंने पहली बार परबत्ता सीट से चुनाव जीता और राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बने। इसके बाद वे 2014 में जेडीयू में शामिल हुए और 2018 में बीजेपी का दामन थामा।
वे कुर्मी-कोइरी समाज से आते हैं और वर्ष 2024 में नीतीश कुमार की कैबिनेट में भी शामिल रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई
शिवराज सिंह चौहान ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए नीतीश कुमार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन स्थापित किया और कानून व्यवस्था को मजबूत किया।
सम्राट चौधरी का बयान
सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें बिहार के सपनों को साकार करने का अवसर मिला है। यह उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वे राज्य के विकास के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।