पुरुषोत्तम मास: 151 पारायण महोत्सव पन्ना में भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न

पन्ना। पुरुषोत्तम मास के परम पावन एवं दुर्लभ अवसर पर धाम पन्ना स्थित श्री सद्गुरु धनी देवचन्द्र जी मंदिर में आयोजित श्री 151 साप्ताहिक पारायण महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति, आध्यात्मिक उल्लास एवं दिव्य वातावरण के मध्य सम्पन्न हो गया।

सात दिनों तक चले इस अलौकिक धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे सुंदरसाथ जी ने वाणी श्रवण, सत्संग, सेवा एवं भक्ति का पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे सप्ताह मंदिर परिसर श्रीजी के जयघोष, भजन-कीर्तन एवं ब्रह्मवाणी के पावन स्वर से गुंजायमान रहा।

21 मई से 27 मई तक चला दिव्य धार्मिक 151 पारायण आयोजन

यह भव्य आध्यात्मिक आयोजन श्री 108 श्री प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट, श्री 5 पद्मावतीपुरी धाम के तत्वावधान में 21 मई से 27 मई 2026 तक सम्पन्न हुआ। पुरुषोत्तम मास की महिमा के अनुरूप आयोजित इस धार्मिक महायज्ञ में 151 पारायण श्रद्धापूर्वक पधराई गईं तथा ब्रह्ममुनियों द्वारा ब्रह्मवाणी का पावन वाचन किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे आत्मकल्याण एवं धर्मसाधना का दुर्लभ अवसर बताते हुए पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई।

प्रतिदिन आरती, पूजन, निजनाम पाठ एवं वाणी वाचन से भक्तिमय बना वातावरण

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल विधिवत आरती, पूजन एवं श्रीजी को भोग अर्पण के साथ शुरुआत होती थी। इसके पश्चात निजनाम पाठ के साथ ब्रह्ममुनियों द्वारा वाणी वाचन प्रारंभ किया जाता था, जो निर्धारित चौपाइयों एवं पारंपरिक मर्यादाओं के अनुसार शाम तक निरंतर चलता रहता था। वाणी श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे दिन मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर धर्मलाभ प्राप्त करते रहे।

भजन-कीर्तन, सत्संग, आध्यात्मिक प्रवचन एवं महाप्रसाद वितरण ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्पमालाओं एवं दीपों से सजाया गया था, जिससे संपूर्ण धाम दिव्यता एवं आध्यात्मिक आभा से आलोकित दिखाई दे रहा था।

विद्वानों एवं विदुषियों ने किया वाणी का सरल व्याख्यान

साप्ताहिक पारायण महोत्सव में पन्ना धाम के विद्वान एवं विदुषियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्वान पंडित खेमराज शर्मा, पुजारी देवकरण त्रिपाठी, पंडित योगेश शर्मा तथा विदुषी रंजना दुबे, कमलावती शर्मा एवं मधु शर्मा द्वारा प्रतिदिन महामति श्री प्राणनाथ जी की पावन वाणी पर प्रकाश डालते हुए उसके आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व को सरल एवं सहज भाषा में श्रद्धालुओं को बताया गया। उनके प्रवचनों एवं व्याख्यानों से उपस्थित सुंदरसाथ जी भावविभोर हो उठे तथा वाणी के गूढ़ रहस्यों एवं आध्यात्मिक संदेशों का ज्ञान प्राप्त किया।

विशेष महाआरती एवं महाप्रसाद के साथ हुआ भावपूर्ण समापन

महोत्सव के समापन अवसर पर विशेष महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। समापन आरती ब्रह्ममुनि जयंती काका जी के वंशज राजकिशन परिवार द्वारा सम्पन्न कराई गई। प्रथम आरती कर परिवार ने श्रीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जयघोष, घंटा-घड़ियाल एवं भक्ति संगीत से गुंजायमान हो उठा।

सातों दिनों तक उपस्थित श्रद्धालु सुंदरसाथ जी ने वाणी श्रवण, सत्संग एवं सेवा के माध्यम से धर्मलाभ प्राप्त करते हुए आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता एवं धर्म जागरण का अनुपम आयोजन बताया।

मंदिर ट्रस्ट ने जताया आभार

श्री 108 श्री प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश भाई पटेल (हिम्मतनगर, गुजरात), उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव प्रेम शर्मा, ट्रस्टी डीके दुबे, अनिल शर्मा, प्रेम शर्मा, सिंपू शर्मा, दीपराज शर्मा, चिदानंद शर्मा, प्रबंधक आशीष शर्मा द्वारा पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहयोग दिया।

साथ ही आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाधारियों एवं धर्मप्रेमियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजन समाज में धर्म, संस्कृति, सद्भावना एवं सेवा भावना को सुदृढ़ करते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा 

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