
नई दिल्ली। 20 मई 2026 को ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आव्हान पर देशभर के केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स द्वारा राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय सांकेतिक बंद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस बंद का उद्देश्य दवाओं की अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री, बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की आपूर्ति तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा अपनाई जा रही डीप डिस्काउंटिंग नीति के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करना था।
देशभर के जिलों में मिला व्यापक समर्थन
एआईओसीडी एवं विभिन्न राज्य केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशनों के आव्हान पर देशभर के सभी जिलों में केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को सर्वसम्मति से समर्थन दिया। इस दौरान सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने जानकारी दी कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन देशभर में संभागायुक्त, जिला कलेक्टर, एसडीएम एवं तहसीलदारों के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
ज्ञापन में दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री, बिना सत्यापित प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा की जा रही डीप डिस्काउंटिंग जैसी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने इन गतिविधियों को छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्ट्स के लिए घातक बताया।
सरकारी अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग
एसोसिएशन ने GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। संगठन का आरोप है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स दवाओं की अनियंत्रित बिक्री कर रहे हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
जनस्वास्थ्य और रोगी सुरक्षा पर चिंता
केमिस्ट समुदाय ने स्पष्ट किया कि दवाइयाँ सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। बिना उचित सत्यापन के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री जनस्वास्थ्य, रोगी सुरक्षा तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत स्थापित नियामक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
कोविड काल की सेवाओं का स्मरण
दवा व्यापार जगत ने यह भी स्मरण कराया कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्ट्स ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर सपोर्ट के रूप में निरंतर सेवाएँ प्रदान करते हुए जनता तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
शांतिपूर्ण रहा बंद, आपात सेवाएं जारी
देशव्यापी बंद पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा और इसे व्यापक समर्थन मिला। साथ ही मानवीय दायित्व निभाते हुए जरूरतमंद मरीजों के लिए आवश्यक एवं आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई।