
जबलपुर। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में भगवान दत्तात्रेय का यज्ञ और उनकी उपासना मोक्ष, आध्यात्मिक ज्ञान और गुरु कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के अवतार भगवान दत्त की पूजा इस मास में भक्तों को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति प्रदान कर सकती है।
त्रिमूर्ति की संयुक्त कृपा का मिलता है फल
पुरुषोत्तम मास में श्री दत्त भगवान की आराधना से ब्रह्मा, विष्णु और शिव की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है। भगवान दत्तात्रेय त्रिमूर्ति के स्वरूप हैं, इसलिए उनकी पूजा से तीनों देवों की आराधना का फल एक साथ मिलता है।

दत्तयाग का दूसरा दिन उत्साह के साथ संपन्न
श्री दत्त भजन मंडळ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय दत्तयाग का दूसरा दिन उत्साह और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रारंभ हुआ। वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में मुख्य यजमान द्वारा यज्ञशाला में प्रतिष्ठित दत्तात्रेय भगवान की पूजा की गई तथा सहयजमानों द्वारा विभिन्न पीठों का पूजन संपन्न हुआ।
महापौर सहित यजमानों ने दी आहुति
संस्कारधानी जबलपुर में पहली बार आयोजित इस श्रीदत्तात्रेय महायज्ञ में महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू”, दिनेश कालवे, मनोज हर्डीकर, शरद आठले, संदीप पिंपळे, प्रशांत कुलकर्णी, नयना महेश येवलकर, आदित्य कानडे, अशोक जोशी, जस्टिस देवदत्त धर्माधिकारी, डॉ. जितेंद्र जामदार सहित यजमानों ने सपत्नीक उपस्थित होकर विश्व कल्याणार्थ यज्ञ में आहुति अर्पित की।
यज्ञ से वातावरण शुद्धि और पुण्य लाभ
यज्ञवेदी में अर्पित आहुति देवताओं तक पहुंचती है। यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है और विषाणुओं का नाश होता है। दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए यज्ञाहुति का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और प्रदक्षिणा कर प्रसाद ग्रहण किया।
विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में अनुष्ठान
यज्ञ का ऋत्विजत्व वेदमूर्ति कृष्णशास्त्री आर्वीकर (नागपुर), पंडित गणेश नारायण पाळंदे (वाराणसी) तथा ब्रह्मवृंद समाज के पंडित मनोज गुरुजी और पंडित निलेश दाभोळकर द्वारा किया जा रहा है।
आयोजन में मिला व्यापक सहयोग
यज्ञ में अध्यक्ष विजय भावे, शरद आठले, अजय फाटक, श्री अभय जोशी, अनिल राजूरकर, मुरलीधर पाळंदे, विश्वनाथ वैद्य, वर्षा दांडेकर, आभा रानडे, रंजना वर्तक, नितीन देसाई, सुबोध गोसावी का सहयोग रहा। मंडल द्वारा सभी भक्तगणों से यज्ञ में सहभागी होकर दर्शन करने का अनुरोध किया गया है।