
पन्ना। विश्व आदिवासी दिवस पर दक्षिण पन्ना वनमंडल ने वन संरक्षण के साथ वनाश्रित एवं आदिवासी परिवारों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक साथ कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई हुई, वहीं तेंदूपत्ता संग्रहण में रिकॉर्ड उपलब्धि दर्ज करते हुए संग्राहकों को ₹7.6 करोड़ का पारिश्रमिक भुगतान किया गया। इसके अलावा वर्षा ऋतु में सर्पदंश के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन क्षेत्रों से लगे गांवों में जरूरतमंद आदिवासी परिवारों को मच्छरदानियां वितरित की गईं।
अतिक्रमण पर कार्रवाई, एक हेक्टेयर वन भूमि मुक्त
मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र के बीट सिहारन स्थित कक्ष क्रमांक 1239 में वन भूमि पर अतिक्रमण की रोकथाम एवं हटाने के लिए शांतिपूर्ण कार्रवाई की गई। करीब 6.4 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण निरोधी खंती का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों की सहमति और सहयोग से कराया गया।
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में छह वनाधिकार पत्रधारकों को कुल 2.51 हेक्टेयर भूमि पर वनाधिकार प्राप्त हैं, जिन्हें सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई में करीब एक हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। शेष अतिक्रमण वाले क्षेत्र में सीमाओं की स्पष्टता के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग का मैदानी अमला रहा मौजूद
कार्रवाई के दौरान परिक्षेत्र सहायक देवी सिंह यादव एवं रामदास रैकवार सहित वनरक्षक जितेन्द्र यादव, अमित कोरी, अजय प्रताप सिंह, राजेन्द्र पटेल, हरप्रसाद अहिरवार, संदीप राय एवं हरिशंकर अहिरवार मौजूद रहे।
तेंदूपत्ता संग्रहण ने बनाया नया रिकॉर्ड
दक्षिण पन्ना वनमंडल में वर्ष 2026 का तेंदूपत्ता संग्रहण कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गया। इस वर्ष 17,330 पंजीकृत संग्राहकों ने करीब 19 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया। इसके एवज में लगभग ₹7.6 करोड़ संग्रहण पारिश्रमिक का भुगतान किया जा चुका है।
संग्राहक परिवारों से जुड़े 35,837 सदस्य इस व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं। वन विभाग के अनुसार यह दक्षिण पन्ना में अब तक का सर्वाधिक पारिश्रमिक भुगतान है। पहली बार तेंदूपत्ता लॉट्स की औसत नीलामी दर भी ₹5,000 प्रति मानक बोरा से अधिक रही।
समय पर भुगतान पर जोर
अमानगंज समिति के प्रबंधक दयालीलाल अहिरवार के प्रयासों से समिति के सभी संग्राहकों का शत-प्रतिशत भुगतान सबसे पहले पूरा हुआ। इसके लिए उन्हें वनमंडल अधिकारी ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। शाहनगर समिति के प्रबंधक रामखिलावन प्रजापति और जिला यूनियन कार्यालय के विक्रम सिंह बुंदेला ने भी भुगतान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सर्पदंश से बचाव के लिए वन विभाग की अनूठी पहल
बारिश के मौसम में वन क्षेत्रों में सर्पदंश के बढ़ते खतरे को देखते हुए दक्षिण पन्ना वनमंडल ने विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया। शाहनगर और रैपुरा वन परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों में जरूरतमंद आदिवासी एवं वनाश्रित परिवारों को मच्छरदानियां वितरित की गईं।
शाहनगर की ग्राम वन समिति महेबा/बोरी में उपवनमंडलाधिकारी श्रीमती रचना शर्मा ने उस परिवार की महिलाओं को मच्छरदानियां दीं, जिसके सदस्य धनीराम आदिवासी की दो वर्ष पूर्व सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। नुनागर और बिसानी में भी प्रभावित परिवारों को मच्छरदानियां दी गईं।
रैपुरा क्षेत्र की घुटेही, किशनपाटन, ताखोरी, भरतला एवं बगरोड़ ग्राम वन समितियों में भी वितरण किया गया। ग्रामीणों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक में समय न गंवाएं और पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं।
वन संरक्षण के साथ जनहित
दक्षिण पन्ना वनमंडल की इन पहलों से वन भूमि संरक्षण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक लाभ और वनाश्रित परिवारों की सुरक्षा—तीनों मोर्चों पर विभाग की सक्रियता सामने आई है।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा