समान अवसरों से निखरेगी बधिर बच्चों की प्रतिभा, जागरूकता कार्यक्रम में दिया संदेश

अंतरराष्ट्रीय बधिर दिवस पर सार्थक संस्थान ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम

जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय बधिर दिवस के मौके पर सार्थक संस्थान ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बधिर एवं मूक बच्चों के अधिकारों और उनकी सामाजिक भागीदारी को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा, प्रतिभा विकास और आत्मनिर्भरता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई।

गतिविधियों में बच्चों ने उत्साह से लिया हिस्सा

कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साह के साथ सहभागिता की। वक्ताओं ने कहा कि सुनने या बोलने की क्षमता में अंतर किसी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये बच्चे भी अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

दया नहीं, बराबरी और सम्मान का अधिकार

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि बधिर बच्चों के प्रति समाज का नजरिया बदलने की जरूरत है। उन्हें दया का पात्र समझने के बजाय बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। शिक्षा के साथ खेल, कला, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में भी उनके लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

परिवार और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार और शिक्षण संस्थानों के साथ समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।

ये लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह राजपूत, विशाल विधेही, अखिलेश सिंह राजपूत, निकेत दुबे, डॉ. सोनम गुप्ता, प्रियंका पासी, ज्योति दुबे एवं सौम्या सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।