
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में सोमवार को संस्कार कांवड़ यात्रा में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ा। मां नर्मदा के पवित्र जल को लेकर हजारों कांवड़ यात्री भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के संकल्प के साथ यात्रा पर निकले। यात्रा का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “जहां तक नजर जाती है, वहां तक कांवड़ ही कांवड़ दिखाई दे रही हैं। इतनी विशाल कांवड़ यात्रा मैंने पहले कभी नहीं देखी। ऐसा लग रहा है मानो आस्था का सैलाब समुद्र की लहरों की तरह आगे बढ़ रहा हो।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांवड़ यात्री अपनी भक्ति, साधना और संकल्प के बल पर मां नर्मदा का जल लेकर निकले हैं। मां नर्मदा भी अपने जल के साथ शिव-शक्ति की आराधना के इस संकल्प को पूरा कराने के लिए अपने भक्तों के साथ कांवड़ के रूप में समाहित हैं। सावन के पावन महीने में मां नर्मदा की नगरी संस्कारधानी जबलपुर से भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए यह यात्रा निकली है।
दादा गुरु के साथ मुख्यमंत्री ने उठाई कांवड़
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के मुखिया के रूप में संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य दादा गुरु के साथ कुछ दूरी तक कांवड़ उठाई और कांवड़ यात्रियों का उत्साह बढ़ाया। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी इस अवसर पर उनके साथ थे। मुख्यमंत्री ने दादा गुरु सहित संतों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी तपस्या और साधना समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन केवल सांसारिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि पवित्रता के मार्ग पर चलते हुए परमात्मा तक पहुंचने की प्रेरणा देता है। दादा गुरु ने अपने जीवन में तप और साधना का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अद्भुत है। उनके संकल्प और आशीर्वाद से सभी के जीवन में मंगल हो, यही प्रार्थना है।
सनातन संस्कृति की धारा मजबूत कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए लगातार काम कर रही है। सनातन संस्कृति की धारा को और मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कांवड़ यात्रियों को यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश के देवस्थलों को उनकी गरिमा और गौरव के अनुरूप विकसित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ों में सनातन संस्कृति की मजबूत उपस्थिति है। हमारे देवस्थान आत्म-अनुशासन और जीवन में उन्नति की प्रेरणा देते हैं। इनसे घर-घर सकारात्मकता, उत्साह, उमंग और उल्लास का वातावरण बनता है तथा जीवन की चुनौतियों से पार पाने के लिए परमात्मा का आशीर्वाद लेने की प्रेरणा मिलती है।
नर्मदा के हर कंकर में शंकर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संबंध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से रहा है, लेकिन बाबा महादेव कण-कण में विद्यमान हैं। विशेष रूप से मां नर्मदा के बारे में कहा जाता है कि नर्मदा के हर कंकर में शंकर दिखाई देते हैं। मां नर्मदा की कृपा से ही भक्त उनकी पवित्र धारा का जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांवड़ यात्रियों, जबलपुर वासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों को संस्कार कांवड़ यात्रा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक सुशील तिवारी इंदु, विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, विधायक नीरज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रजक, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, सोनू बचवानी एवं रंजीत पटेल, कांवड़ यात्रा के संयोजक शिव यादव भी मौजूद थे।