
जबलपुर। आदिवासी संस्कृति बचाओ यात्रा के संबंध में पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया के गृह निवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और समाज के सामने उपस्थित गंभीर चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ।
बेरोजगारी, कर्ज और स्वास्थ्य बना प्रमुख मुद्दा
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज वर्तमान समय में बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। बेरोजगारी की समस्या लगातार बढ़ रही है, वहीं कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। समाज में मृत्यु दर में वृद्धि को भी चिंता का विषय बताया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि समाज को स्वयं संगठित होकर अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है और कुछ तथाकथित नेताओं के कारण हालात और जटिल हुए हैं। आदिवासी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
15 फरवरी से यात्रा का प्रथम चरण प्रारंभ
यात्रा का प्रथम चरण 15/02/2026 को प्रातः 11:00 बजे कौशल्या गोटिया के निज निवास से प्रारंभ होगा। यह यात्रा अधारताल बिरसा मुंडा तिराहा होते हुए सुहागी मार्ग से रिछाई पहुंचेगी, जहां बैठक के रूप में कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में समाज के लोगों से शामिल होने की अपील की है।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में भैया लाल गोटिया, रोशनलाल कोल, मगन सिंह, ख्याली सिंह, लालू कोल, राजकुमार कोल, वाल्मीकि कोल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सहभागिता की अपील
शिवकुमार गोटिया, भैया लाल, रोशन लाल, मगन सिंह, ख्याली सिंह, अशोक गोटिया, बलबीर गोटिया, गणेश कोल, लक्ष्मी नारायण कोल, नरेश गोटिया, बाबा गोटिया, शेख लाल गोटिया, सुजीत भूमिया, रमाकांत गोटिया, अमित कोल, धर्मेंद्र गोटिया, प्रकाश कोल, बबलू गोटिया, विजय गोटिया और कमलेश कोल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों से यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।