
भोपाल। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन नई दिल्ली द्वारा जैसे ही प्रदेश सहित देशभर के सभी राज्यों के आयुष विभाग, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, वीसी, डायरेक्टर, डीन, रजिस्ट्रार और संबंधित अथॉरिटीज को पत्र भेजकर सूचित किया कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 बैच के छात्रों से नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) लागू होगा और इसकी संभावित परीक्षा मार्च 2027 में होगी, वैसे ही इसका विरोध राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हो गया है।
एमबीबीएस छात्रों की तर्ज पर 2028-29 के बाद लागू करने की मांग
आयुष मेडिकल एसोसिएशन व निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार, एनसीआईएसएम नईदिल्ली, केंद्रीय आयुष मंत्री तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस व सोवा-रिग्पा स्नातक छात्रों पर फिलहाल नेक्स्ट परीक्षा लागू न की जाए। संगठनों ने कहा कि जिस तरह एमबीबीएस छात्रों के लिए नेक्स्ट परीक्षा 2028-29 के बाद लागू होने की संभावना है, उसी प्रकार आयुष छात्रों को भी यही राहत दी जाए।
आवश्यक हुआ तो न्यायालय जाएंगे संगठन
संगठनों का कहना है कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण में भी जा सकते हैं। ज्ञात रहे कि नेशनल मेडिकल कमीशन ने एमबीबीएस छात्रों की नेक्स्ट परीक्षा, जो 2025 में प्रस्तावित थी, उसे तीन से चार वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है जिससे छात्रों को राहत मिली है।
नेक्स्ट पास करना होगा अनिवार्य
आयुष छात्रों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य होने जा रही है। नेक्स्ट पास करने के बाद ही चिकित्सा अभ्यास के लिए लाइसेंस प्राप्त होगा तथा एमडी/एमएस जैसे स्नातकोत्तर कोर्स में प्रवेश भी इसी के माध्यम से होगा।
40 हजार से अधिक आयुष छात्र प्रभावित
नेक्स्ट परीक्षा मार्च 2027 में संभावित है जिसमें 2021-22 बैच के लगभग 40 हजार आयुष छात्र शामिल होंगे। छात्रों ने सवाल उठाया है कि उन्हें कितनी बार परीक्षा देनी होगी—12वीं, फिर नीट, फिर विश्वविद्यालयीन परीक्षाएं, और अब नेक्स्ट। देशभर में 700 से अधिक आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा तथा लगभग 300 होम्योपैथी कॉलेज संचालित हैं जहां 2–2.5 लाख छात्र अध्ययनरत हैं। 2021-22 बैच के छात्र जुलाई 2026 में फाइनल परीक्षा में बैठेंगे।
शिक्षक संगठन की मांग
एग्जाम टाला जाए
“निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ भी विरोध में है और हम चाहते हैं कि फिलहाल नेक्स्ट एग्जाम टाला जावे।”
— डॉ. सुरेंद्र पटेल, अध्यक्ष, मप्र नि आयु महा शिक्षक कल्याण संघ
छात्रहित में परीक्षा स्थगित हो
“एनसीआईएसएम को एनएमसी की भांति आयुष छात्रों हेतु फिलहाल नेक्स्ट परीक्षा को स्थगित कर देना चाहिए। योग्यता के हम विरोधी नहीं हैं, लेकिन आयुष छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ाना उचित नहीं। परीक्षा 2028 के बाद प्रारंभ हो तो बेहतर रहेगा।”
— डॉ. राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन