
पटना। बिहार में बड़ा राजनीतिक भूचाल आया है। बिहार में पिछले लंबे समय तक सीएम पद पर आसीन नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंच चुके हैं। अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार राज्यसभा का नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी राज्यसभा का नामांकन दाखिल करेंगे। नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा जा रहे हैं।
राजनैतिक हल्कों में चर्चा
राजनैतिक हल्कों में चर्चा है कि नया सीएम भाजपा का होगा। वहीं नीतीश के बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा अपना सीएम बनाने के लिए नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने के लिए बाध्य कर रही है। नीतीश कुमार ने अटकलों पर विराम लगाते हुए ट्वीट करके राज्यसभा में जाने की पुष्टि की है। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ट्वीट करके नीतीश कुमार को राज्यसभा में जेडीयू की ओर से जाने पर बधाई दी है।
होली पर बिहार नए रंग में रंगा नजर आ रहा है। होली के दूसरे दिन ही बिहार के सीएम पद पर आसीन नीतीश कुमार सीएम पद छोड़कर राज्यसभा का नामांकन भर रहे हैं। बिहार में इसको लेकर राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार बिहार में चुनाव में जीत के बाद से ही इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से लगातार चर्चा की जा रही थी।
बिहार के चुनाव में जेडीयू ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन किया था। भाजपा की 89 सीट आईं थीं वहीं जेडीयू की 85 सीट थीं। लेकिन भाजपा ने जेडीयू से नीतीश कुमार को सीएम बनाया। भाजपा की नजर अगले साल उप्र के चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव पर है। लोकसभा चुनाव में बिहार व उप्र की बड़ी भूमिका है। इससे भाजपा बिहार में अपने को मजबूत करना चाह रही है लेकिन वह नीतीश कुमार की नाराजगी भी मोल लेना नहीं चाहती। इससे नीतीश कुमार की सहमति के बाद ही यह निर्णय लिया गया।
यह फार्मूला हो सकता है
नीतीश के बेटे निशांत का राजनीति में प्रवेश हो रहा है। उनको डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है। वे कुर्मी समाज से आते हैं। जेडीयू की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है। वहीं मुख्यमंत्री भाजपा का बनाया जा सकता है। वहीं इसमें यूपी चुनाव को भी ध्यान में रखा जाएगा।
2024 में लोकसभा चुनाव में यूपी से ओबीसी वोट भाजपा से दूर हुआ था इसको भी ध्यान में रखा जा सकता है। यूपी चुनाव में बिहार की राजनीति असर डालती है। नए सीएम के नाम को लेकर सम्राट चौधरी के नाम की चर्चा हो रही है। वे कोरी जाति से आते हैं, ओबीसी वर्ग के नेता हैं और वर्तमान में डिप्टी सीएम हैं।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी
नीतीश कुमार को बिहार से सीएम पद छोड़ने और राज्यसभा में जाने को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि बिहार की जनता ने जेडीयू को मेंडेट दिया है इसलिए नीतीश कुमार को सीएम बना रहना चाहिए। हालांकि नाराज विधायकों और कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश जेडीयू के नेता कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप
आरजेडी ने आरोप लगाया है कि यह जनता के साथ धोखा है। नीतीश कुमार के चेहरे पर भाजपा ने जेडीयू गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था। जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव जिताया लेकिन अब नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाने मजबूर किया गया। तेजस्विनी यादव का कहना है कि जनाकांक्षाओं के विपरीत यह कार्य भाजपा ने किया।
भाजपा हमेशा यही करती है कि सबसे पहले अपनी साथी पार्टियों को खत्म करती है। जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिए थे लेकिन भाजपा ने जनता की भावनाओं के विपरीत यह काम किया है।