
पन्ना। बुंदेलखंड क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं में फाग गायन का विशेष महत्व है। होली के पर्व पर गाए जाने वाले फाग गीत केवल मनोरंजन का माध्यम ही नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, सामाजिक मेल-मिलाप और परंपराओं को जीवित रखने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ढोलक, नगड़िया, मंजीरा और झांझ जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर गाए जाने वाले फाग गीत पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से भर देते हैं।
लोक परंपरा के संरक्षण का प्रयास
समय के साथ यह समृद्ध लोक परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ऐसे में इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज और स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी बुंदेलखंड की इस सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।
वनरक्षक आवास जुर्सिंहा में हुआ आयोजन
इसी उद्देश्य को लेकर दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वन परिक्षेत्र कल्दा अंतर्गत वनरक्षक आवास जुर्सिंहा में वनरक्षक वीरेन्द्र पटेल द्वारा बुन्देली फाग उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के 5 से 6 गांवों के लगभग 200 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
4–5 घंटे तक गूंजते रहे फाग गीत
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर पारंपरिक बुन्देली फाग गीत गाए। लगभग 4 से 5 घंटे तक फाग की मधुर धुनों से पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा और सभी लोग रंग-रस और लोक संस्कृति के इस अनूठे आयोजन में सराबोर रहे।
इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ बुंदेलखंड की लोक परंपराओं को जीवित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वनरक्षक आवास जुर्सिंहा में बुन्देली फाग उत्सव का आयोजन
बुन्देलखण्ड क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं में फाग गायन का विशेष स्थान है, जो मुख्यतः होली के अवसर पर गाया जाता है। फाग गीतों के साथ ढोलक, नगड़िया, मंजीरा और झांझ जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत वातावरण को उल्लासपूर्ण बना देती है। समय के साथ यह लोक परंपरा धीरे धीरे कम होती जा रही है, ऐसे में इसके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
इसी उद्देश्य से दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वन परिक्षेत्र कल्दा अंतर्गत वनरक्षक आवास जुर्सिंहा में वनरक्षक वीरेन्द्र पटेल द्वारा बुन्देली संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए फाग उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के 5 से 6 गांवों के लगभग 200 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लगभग 4-5 घंटे तक फाग गीतों की मधुर धुनों में सराबोर रहे। इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए समुदाय को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।