
नईदिल्ली। देश की राजनीति में इन दिनों ‘वोट चोरी’ का मुद्दा केंद्र में है। इसी बीच चुनाव आयोग ने 17 अगस्त 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का ऐलान किया है। दोपहर 3 बजे नेशनल मीडिया सेंटर, नई दिल्ली में होने वाला यह कार्यक्रम खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर आयोग केवल चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के अवसर पर ही मीडिया से संवाद करता है।
राहुल गांधी के आरोप बने केंद्रबिंदु
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में विभिन्न राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। विपक्ष का कहना है कि बिहार समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
आयोग ने मांगे सबूत
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताया है और राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं से ठोस सबूत प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग का कहना है कि यदि आरोपों के समर्थन में नाम और शपथपत्र नहीं दिए जाते तो यह जनता को गुमराह करने जैसा होगा। ऐसी स्थिति में नेताओं को माफी मांगनी चाहिए।
बिहार की SIR प्रक्रिया पर विवाद
बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया भी इस विवाद का हिस्सा है। आयोग का कहना है कि यह मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने का प्रयास है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से लोगों के मताधिकार छीने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख नामों का विस्तृत विवरण जिला और बूथ स्तर पर 19 अगस्त तक सार्वजनिक किया जाए और 22 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
अब सबकी नजरें चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आयोग इन आरोपों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने रखेगा।