
कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों ने सुबह बाउंड्रीवाल पर तेंदुए की पूंछ लटकती देख तुरंत पन्ना टाइगर रिजर्व अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई बंद कराई और इसके बाद तेंदुए के शव को नीचे उतारा गया।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच
क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव ने बताया कि मृत नर तेंदुआ लगभग 5-6 वर्ष का था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाउंड्रीवाल के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन काफी नीचे थी। संभावना जताई जा रही है कि तेंदुआ जब बाउंड्रीवाल पार कर रहा था, उसी समय विद्युत प्रवाह के कारण उसकी मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम से होगा खुलासा
वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण और हालात का पूरा खुलासा हो सकेगा।
संरक्षण पर सवाल
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यारण क्षेत्र में इस तरह की विद्युत लाइनें जानवरों के लिए खतरा बन रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में बिजली लाइनों को सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाना जरूरी है, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा