
जबलपुर। कृपासिंधु भगवान का मंगलमय दिव्य नाम का स्मरण हमें गुरु बनकर मार्गदर्शन देता है, माता बनकर स्नेह देता है, पिता की तरह साहस दिलाता है और मित्र बनकर साथ चलता है। फिर हम अकेले कहाँ हैं! इस संसार में सबसे अनुपम मिलन भगवत्प्रेमियों का संग है क्योंकि उनके संग के प्रभाव से मन सहजता से भगवान के प्रेम-रंग में सराबोर हो जाता है। जिसके स्वभाव में शान्ति रहती है, वह जहाँ भी रहता है, प्रसन्न रहता है। श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने से समस्त पापों का नाश होता है।

श्रीहरि नारायण के परम प्रिय कार्तिक मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के प्रथम दिवस श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के मुखारविंद से कहे गए दिव्य उपदेशों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का आयोजन दिनांक 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से गीता धाम गौरी घाट में किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस पर विशाल शोभायात्रा ग्वारीघाट से नर्मदा मैया का पूजन-अर्चन कर गीता धाम तक निकाली गई। भक्तगणों ने पूरे श्रद्धाभाव से ‘हरि नाम संकीर्तन’ करते हुए इस यात्रा में भाग लिया।
श्रीमद् भागवत महापुराण श्रवण करने का आग्रह ब्रह्मचारी हिमांशु जी, शिव प्रसाद गर्ग, श्याम साहनी, अशोक मनोध्या, गुलशन मखीजा, शरद काबरा, प्रवेश खेड़ा, डॉ. संदीप मिश्रा, राजेन्द्र यादव, जगदीश साहू, लोकराम कोरी सहित नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त मंडल ने किया है।