उद्योगों के विकास, निवेश व नीतिगत सुधारों को लेकर फेडरेशन की महत्वपूर्ण पहल

जबलपुर। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने आज भोपाल में अध्यक्ष हिमांशु खरे के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल एवं एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई से भेंट कर उद्योगों से जुड़े विभिन्न नीतिगत विषयों पर चर्चा की।

फेडरेशन ने एमएसएमई क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने, निवेश एवं औद्योगिक विस्तार को प्रोत्साहित करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

औद्योगिक क्षेत्रों में संपत्ति कर नीति के युक्तियुक्तकरण की मांग

फेडरेशन ने औद्योगिक क्षेत्रों में संपत्ति कर से संबंधित नीति के युक्तियुक्तकरण का विषय प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र अपने क्षेत्र के उद्योगों से संधारण शुल्क वसूलता है, जिसके माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत अधोसंरचना का विकास एवं रख-रखाव किया जाता है। अतः संधारण शुल्क में से उपयुक्त राशि नगर निगम को उपलब्ध कराकर संपत्ति कर के दोहरे भार से उद्योगों को राहत दी जा सकती है।

औद्योगिक भवनों के नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया सरल करने की मांग

फेडरेशन ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा आवंटित औद्योगिक भूमि पर भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, एकल एवं समयबद्ध बनाने का सुझाव दिया। फेडरेशन ने मांग की कि उद्योग विभाग द्वारा आवंटित औद्योगिक भूमि पर औद्योगिक निर्माण के नक्शे की स्वीकृति हेतु सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाए तथा नक्शा स्वीकृति के पूर्ण अधिकार जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को दिए जाएं तथा नक्शा स्वीकृति शुल्क भी जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, उद्योग विभाग के खाते में जमा करने की व्यवस्था की जाए।

यदि निर्धारित 30 दिवस की समय-सीमा में सक्षम प्राधिकारी द्वारा नक्शे पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो लोक सेवा गारंटी के तहत ऑनलाइन डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया जाए, ताकि प्रशासनिक विलंब के कारण उद्यमियों के उद्योग स्थापना कार्य प्रभावित न हों।

शासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद जरूरी

फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि, “मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए शासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर एवं परिणामोन्मुखी संवाद अत्यंत आवश्यक है। फेडरेशन का प्रयास है कि प्रदेश के उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और संभावनाओं को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए।”

उन्होंने कहा कि फेडरेशन मध्यप्रदेश को निवेश, विनिर्माण, व्यापार, एमएसएमई एवं तकनीकी उद्योगों के लिए देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए शासन के साथ मिलकर निरंतर कार्य करेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल

प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे, पूर्व अध्यक्ष दीपक शर्मा, संयुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र पोरवाल, उपाध्यक्ष योगेश गोयल एवं जयदेव ताम्रकार, राजीव जैन, सचिव प्रवीण आचार्य, सहसचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह तथा राजेश हिरवे शामिल थे।

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