नवरात्रि महोत्सव जबलपुर: आई तुलजा भवानी मंदिर में घट पूजन और हवन भंडारे का आयोजन 1 को

जबलपुर। शहर में नवरात्रि महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। गली-चौराहों से लेकर बड़े मंदिरों तक भक्तिमय वातावरण नजर आ रहा है। इसी कड़ी में सामाजिक और धार्मिक संगठन भी अपनी परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। क्षत्रिय मराठा समाज जबलपुर द्वारा अपनी कुल स्वामिनी आई तुलजा भवानी की वार्षिक आराधना पर्व के तहत विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।

ब्रम्ह मुहूर्त में घट स्थापना और पूजन

1 अक्टूबर 2025 को शारदीय नवरात्र की नवमीं पर ब्रम्ह मुहूर्त में घट कलश स्थापना, नवग्रह, षोडश मातृका और कुलदेवता मल्हारी मार्तंड खंडोबा का पूजन किया जाएगा। मराठा पद्धति से संपन्न होने वाले इस पूजन में प्रातः 7 बजे से आरती और नवरात्र माला अर्पण किया जाएगा। आयोजन समिति से जुड़े प्रवीण सालुंके, तरुण सोनोने और सेवादार उमेश सरफरे ने जानकारी दी कि यह परंपरा समाज की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।

आई तुलजा भवानी मंदिर का महत्व

आई तुलजा भवानी का मंदिर त्रिशूल भेद, नाना खेड़ा, न्यू भेड़ाघाट रोड, जबलपुर में स्थित है। यह मंदिर क्षत्रिय मराठा समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी तुलजा भवानी की प्रतिमा यहां विराजमान है। प्रतिदिन देवी को अलग-अलग रंगों के वस्त्र और आभूषणों से श्रृंगारित किया जाता है। खास बात यह है कि ये वस्त्र और अलंकार महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों से लाए जाते हैं, जिससे परंपरा और संस्कृति का विशेष मेल देखने को मिलता है।

नवमी पर विशेष हवन और भंडारा

नवरात्रि की नवमी तिथि पर परंपरागत मराठा पद्धति से विशेष पूजन और हवन का आयोजन होगा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जो सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। इसमें समाज के सभी श्रद्धालुओं और भक्तों को आमंत्रित किया गया है।

समाज का सहयोग और सहभागिता

इस आयोजन में प्रवीण साळुंके, तरुण सोनोने, उमेश सरफरे, सुशील जाधव, दिलीप झिंगे, शिवाजी राव ढवले, सुनील दत्त सोनोने, विवेक भोसले और अनिरुद्ध जाधव जैसे प्रमुख सामाजिक बंधुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके अलावा पार्षद प्रतिभा विध्येश भापकर, प्रतिभा जाधव, माया अर्चना सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आयोजन में सहयोग दिया है।

भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम

जबलपुर में नवरात्रि महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह सामाजिक एकता और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम भी है। आई तुलजा भवानी मंदिर में होने वाला यह वार्षिक पर्व मराठा समाज की गहरी आस्था और संस्कृति का परिचायक है, जो शहर के धार्मिक उत्सवों को और अधिक भव्य बनाता है।

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