
जबलपुर। भक्ति आंदोलन के प्रणेता और सामाजिक समरसता के महान संदेशवाहक जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य जी महाराज की जयंती नरसिंह मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य ने जन-जन को हरि से जोड़ा और समाज में समानता का भाव जागृत किया।
हरि भक्ति से समाज को जोड़ा
जगतगुरु स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय था। उन्होंने “जात-पाँत पूछे नहिं कोई, हरि को भजै सो हरि को होई” का अमर मंत्र देकर समाज को एकजुट करने का कार्य किया। उनका यह संदेश भेदभाव से ऊपर उठकर भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सरल रामभक्ति को जन-जन तक पहुँचाया
उन्होंने कहा कि जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य जी महाराज ने कठिन कर्मकांडों के बजाय सरल और सुगम राम-भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया। भक्ति को उन्होंने आम जन के जीवन से जोड़ा, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग को आध्यात्मिक मार्ग मिला। यही कारण है कि उनका भक्ति आंदोलन आज भी भारतीय समाज की आत्मा से जुड़ा हुआ है।
महान शिष्य परंपरा ने दी अध्यात्म को नई दिशा
जगतगुरु स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि श्री रामानंदाचार्य जी महाराज की शिष्य परंपरा में संत कबीर, रविदास और पीपा जैसे महान संत हुए, जिन्होंने भारतीय अध्यात्म और सामाजिक चेतना को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। वैष्णव परंपरा में निर्गुण और सगुण रामभक्ति के प्रवर्तक के रूप में जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज का योगदान अतुलनीय है।
आदर्शों पर चलने का किया आह्वान
उन्होंने कहा कि वैष्णव जनों की निर्गुण व सगुण रामभक्ति परंपरा के प्रवर्तक और सामाजिक चेतना के प्रतिष्ठापक महान संत जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज के आदर्शों पर चलकर ही समाज में समरसता और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।
षोडशोपचार पूजन एवं अभिषेक संपन्न
रामानंदाचार्य जयंती के अवसर पर नरसिंह मंदिर में षोडशोपचार पूजन, अभिषेक, अर्चन एवं आरती का आयोजन किया गया। पूजन कार्य गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी मुकुंद दास जी महाराज, स्वामी बालकदास, श्याम साहनी, गुलशन मखीजा, रमेश शर्मा, विष्णु पटेल, अशोक शर्मा, जगदीश साहू, संदीप दुबे, मनीष पोपली, लालमन मिश्रा, हिमांशु सहित संत-महात्माओं, सनातन धर्म महासभा एवं नरसिंह मंदिर गीताधाम भक्त परिवार द्वारा संपन्न किया गया।