
जबलपुर। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर निजी विमानन कंपनियों द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ एक अतिमहत्वपूर्ण बैठक जबलपुर में आयोजित की जा रही जिसमें जबलपुर को वायुसेवा के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने चर्चा की जाएगी। वायुसेवा संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने इस अवसर पर बताया कि अब यह आवश्यक हो गया है की जबलपुर को भी मुंबई, बेंगलुरू के लिए अतिरिक्त फ्लाइट तथा जबलपुर से पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर, गोवा, कोलकाता के लिए भी वायुसेवा आरंभ की जाए। उन्होंने बताया कि विमानन कंपनियों को यह ध्यान रखना होगा कि जबलपुर सिर्फ पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं बल्कि उद्योग व्यापार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है।
पर्यटन के सीजन के समय कंपनियां कुछ फ्लाइट्स बढ़ाती हैं जो बाद में बंद कर दी जाती हैं। यह तर्कसंगत नहीं है। जबलपुर से संपूर्ण वर्ष बहुत बड़ी संख्या में यात्रीगण यात्रा करते हैं तथा बहुत महंगे दरों पर भी टिकट खरीदते हैं। यह परिचायक है कि जबलपुर से विमानन कंपनियों को अच्छा प्रतिसाद मिलता है। जबलपुर महाकौशल तथा विंध्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान है। कई जिलों के यात्री जबलपुर की वायुसेवाओं पर निर्भर रहते हैं।
फ्लाइट्स को बढ़ाना –
समिति के बलदीप मैनी, मनु शरत तिवारी, हिमांशु राय, प्रीति चौधरी ने मांग की कि जो पनि फ्लाइट्स मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, सूरत, जयपुर, आदि शहरों से नागपुर, इंदौर, या भोपाल तक आ रही है उन्हें जबलपुर तक बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए जिससे कि तात्कालिक तौर पर समस्या का समाधान हो सके एवं जबलपुर वाया नागपुर, इंदौर, भोपाल प्रमुख शहरों से जुड़ सके।
जबलपुर एयर सर्किट
जबलपुर संघर्ष समिति के जितेंद्र पचौरी, सुनील श्रीवास्तव, आई के खन्ना, दीपक सेठी, सोहन परोहा, अरुण पवार, कनिष्क सिंह राजपूत, ने मांग की कि हैदराबाद जबलपुर इंदौर फ्लाइट की तर्ज पर रायपुर से कोलकाता, विशाखापट्टनम, केरल, तथा उड़ीसा से जुड़ने वाली वायु सेवाओं को भी जबलपुर तक आगे बढ़ाया जाए जिससे कि जबलपुर पूर्वी भारत एवं दक्षिण भारत से जुड़ सके।
समिति ने एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि जबलपुर से नई तथा कनेक्टिंग फ्लाइट्स को बढ़ाने शीघ्र प्रयास करें एवं जबलपुर का एयर सर्किट बनाएं जिसमें जबलपुर से 500 किलोमीटर की परिधि में स्थित शहरों तक आ रही फ्लाइट्स को जबलपुर तक बढ़ाने समुचित प्रयास करें।