
जबलपुर। जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिताएं “इंकलुसिव स्पोर्ट्स” के अंतर्गत सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच आपसी समावेश को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गईं। इस आयोजन में ईडन किड्स केयर स्कूल और जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल के बच्चों ने एक साथ भाग लिया।
यह प्रतियोगिताएं ईडन किड्स केयर स्कूल की प्राचार्या एवं संस्थापक प्रियंका श्रीवास्तव और जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल की प्राचार्या कोयली सेन के संयुक्त प्रयासों तथा महासचिव बलदीप मैनी के दिशा-निर्देश में संपन्न हुईं। कार्यक्रम में ईडन किड्स केयर स्कूल के 100 बच्चों एवं शिक्षक स्टाफ तथा जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल के 130 बच्चों एवं स्टाफ ने सहभागिता की।

खेल समानता और मानवता का संदेश
इंकलुसिव स्पोर्ट्स की महत्ता पर अपने उदबोधन में बलदीप मैनी ने कहा कि समावेशी खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समानता और मानवता का सशक्त संदेश हैं। प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। ऐसे आयोजनों से समाज में व्याप्त भेदभाव की दीवारें धीरे-धीरे टूटती हैं। यह खेल दिव्यांग बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्ष की शक्ति विकसित करते हैं। जब सामान्य और दिव्यांग खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं, तो खेल का मैदान मानवता और भाईचारे का मंच बन जाता है।

अतिथियों का स्वागत
बलदीप मैनी ने कार्यक्रम के अतिथि रीवा से आए राम बहादुर शर्मा, गाडरवारा से आए मिनेंद्र डागा, कटनी से आए दिव्यांशु मिश्रा तथा कदम संस्था के प्रमुख योगेश गनोरे का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों से आए अतिथियों का बच्चों को आशीर्वाद देना आयोजन को विशेष बनाता है।
उन्होंने संस्था के संस्थापक विवेक कृष्ण तन्खा और चेयरपर्सन आरती तन्खा को दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों हेतु धन्यवाद दिया।
मुख्य अतिथि राम बहादुर शर्मा का स्वागत सुनीता रजक, मिनेंद्र डागा का स्वागत कल्पना साहू, योगेश गनोरे का स्वागत बेबी रोशन तथा दिव्यांशु मिश्रा का स्वागत प्राचार्या कोयली सेन द्वारा किया गया।

अतिथियों ने व्यक्त किए विचार
सभी अतिथियों ने अपने उदबोधन में इस समावेशी आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और बच्चों के खुशहाल जीवन एवं सर्वांगीण विकास की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच समय बिताना उनके जीवन के सबसे सुखद अनुभवों में से एक रहा।
पुरस्कार वितरण
पुरस्कार वितरण दिव्यांशु मिश्रा, मिनेंद्र डागा, योगेश गनोरे एवं राम बहादुर शर्मा द्वारा किया गया। उपस्थित अतिथियों पुनीत हांडा, एस.एस. माहेश्वरी, जतिन्दर सिंह, गुरनाम सिंह पाल, डॉ. विनय तिवारी, संजय श्रीवास्तव, हनिंदर मैनी, अशोक सिंह राजपूत तथा रोटरी क्लब गाडरवारा के अध्यक्ष सुरेन्द्र साहू सहित अन्य अतिथियों ने विजेता बच्चों को पदक पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं घोषणाएं
कार्यक्रम का संचालन प्रियंका श्रीवास्तव द्वारा प्रभावशाली अंदाज में किया गया। इस अवसर पर राम बहादुर शर्मा द्वारा जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल को एक म्यूजिक सिस्टम प्रदान करने तथा लखबीर छाबड़ा द्वारा बच्चों हेतु आवश्यक सामग्री देने की घोषणा की गई।
धन्यवाद प्रस्ताव
धन्यवाद प्रस्ताव में प्राचार्या कोयली सेन ने कहा कि आज का आयोजन इसलिए विशेष रहा क्योंकि सामान्य और दिव्यांग बच्चों को एक-दूसरे से संवाद करते, खेलते और मित्रता करते देखना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था। सभी बच्चों एवं अतिथियों के लिए स्वादिष्ट नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की गई। दोनों स्कूलों के शिक्षकों और स्टाफ का पूर्ण सहयोग रहा।
खेलों की शुरुआत और प्रतियोगिताएं
खेलों की शुरुआत अतिथियों द्वारा गुब्बारे उड़ाकर एवं बच्चों द्वारा सूर्य नमस्कार से की गई। प्रतियोगिताओं में डम्बल रेस, रिंग रेस, हॉकी स्टिक रेस, बुक बैलेंस रेस, मेकअप रेस, वन लेग रेस, रेडी टू पार्टी रेस, जम्पिंग फ्रॉग रेस, हर्डल रेस, स्किपिंग रेस, माला बनाओ रेस, व्यंजन खाओ प्रतियोगिता, कार्ड पासिंग रेस सहित कुल 26 विधाएं शामिल रहीं।
इसके साथ ही दोनों स्कूलों के बच्चों द्वारा पी.टी. का सुंदर प्रदर्शन किया गया तथा दिव्यांग बच्चों ने अम्ब्रेला डांस प्रस्तुत किया। स्मृति चिन्ह स्वरूप सभी अतिथियों को जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी स्कूल के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स सचिव बलदीप मैनी एवं प्राचार्या कोयली सेन द्वारा भेंट की गईं।