
जबलपुर। मध्यप्रदेश छात्र संघ (एमपीएसयू) के बैनर तले सोमवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय पारदर्शिता की मांग को लेकर ‘आस्था बचाओ-अर्थी जुलूस’ निकाला गया। कमानिया गेट से मालवीय चौक तक आयोजित इस जुलूस में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और भगवा ध्वज लेकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष आकाश खरे ने किया। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
सीएजी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
जिला उपाध्यक्ष आकाश खरे ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनका आरोप है कि मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और जमीन के लेनदेन को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) अथवा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
दस्तावेज सार्वजनिक करने की उठाई मांग
संगठन के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने ट्रस्ट से वित्तीय लेनदेन और भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
एमपीएसयू की प्रमुख मांगें
एमपीएसयू ने मांग की है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं तथा जांच में दोषी पाए जाने पर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए। संगठन के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया गया।