
जबलपुर। विहिप गौरक्षा विभाग के देसी गोवंश रक्षण एवं संवर्धन न्यास तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के द्वितीय दिवस का शुभारंभ प्रातः 10 बजे गौकथा से हुआ। कार्यक्रम में पंचगव्य, देसी गोवंश एवं मानव स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार रखे गए।

गौमाता का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
उद्घाटन सत्र में रामचरित मानस मर्मज्ञ डॉ. ब्रिजेश दीक्षित ने गौमाता के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि जीवन मूल्यों और सनातन परंपरा की आधारशिला है।
पंचगव्य से गंभीर रोगों के उपचार की संभावना
कृषि महाविद्यालय के डॉ. मोनि थॉमस ने गोवंश उत्पाद उद्योग एवं कृषि आधारित उद्योगों के संचालन का आह्वान किया। कार्यशाला में श्री सारस्वत ने बौद्धिक संपदा पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर से उत्पन्न स्वस्थ विचार केवल व्यक्ति के नहीं बल्कि समाज की बौद्धिक संपदा होते हैं।
उज्जैन से आए युवा आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. प्रज्ञान त्रिपाठी ने बताया कि पंचगव्य से निर्मित औषधियों द्वारा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि कई मामलों में रोगमुक्ति की दिशा में सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने आयुर्वेदिक अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण एवं प्रमाणिक आंकड़े प्रस्तुत किए।
कृषि एवं गौशाला संचालकों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में महाकौशल प्रांत के विभिन्न जिलों से आए गौशाला संचालक एवं जैविक खेती करने वाले अनुभवी किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। राजेश मिनोचा ने कहा कि बायो कल्चर उत्पादों का समय पर उपयोग करने से कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुनिश्चित वृद्धि की जा सकती है। इस अवसर पर किसानों का सम्मान भी किया गया।
देसी गोवंश हर किसान की आवश्यकता
महाकौशल प्रांत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरु प्रसाद सिंह ने देसी गोवंश के संवर्धन एवं नस्ल सुधार पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आज देसी गाय हर किसान और हर घर की आवश्यकता है। गुणवत्तापूर्ण दूध, दही और घी के लिए देसी गोवंश का संरक्षण आवश्यक है, जो हमारी सनातन परंपरा और शास्त्रों में भी उल्लेखित है।
कार्यक्रम में सहयोग एवं सहभागिता
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री सुनील मानसिंहा ने पंचगव्य एवं देसी गोवंश से जुड़े विषयों पर व्यापक जनजागरण का आह्वान किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. गावस्कर वार्ली ने किया। व्यवस्था में प्रांत गोरक्षा प्रमुख सत्येंद्र सिंह, उमेश शुक्ला, विनोद शिवहरे, संजय तिवारी, विनोद सिंह, सुबोध झा, मोनू नामदेव, अभय मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा।