Panna Tiger Reserve: बाघों की सुरक्षा के लिए परिधीय गांवों में टीकाकरण अभियान

कुत्तों को सात गंभीर बीमारियों से बचाने की पहल, मवेशियों का टीकाकरण भी जारी

पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों और अन्य वन्यजीवों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पार्क से लगे गांवों में घरेलू कुत्तों और मवेशियों के टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बाघ पुनर्स्थापना योजना के तहत संचालित इस अभियान का उद्देश्य पालतू पशुओं से वन्यजीवों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम करना है।

कुत्तों का दो चरणों में होगा टीकाकरण

पालतू कुत्तों को कैनाइन डिस्टेंपर सहित सात गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत 8 अक्टूबर को ग्राम अकोला से हुई। इसके बाद अमझेरिया, बांधी, बराच, जरधोवा, इटवा और जनवार में निर्धारित तिथियों पर टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान के तहत बूस्टर डोज भी लगाए जाएंगे। टीकाकरण का दूसरा चरण 18 दिसंबर 2026 से 6 जनवरी 2027 तक चलेगा।

मवेशियों को भी लगाया जा रहा टीका

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा मवेशियों को गलघोंटू (एचएस), ब्लैक क्वार्टर (बीक्यू) और खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए भी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 12 अक्टूबर को अकोला से हुई। इसके बाद बड़ौर, जरधोवा, रमपुरा और कणवाहा में टीकाकरण किया गया। यह अभियान 11 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगा।

पशुपालकों से सहयोग की अपील

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने क्षेत्र के पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पालतू कुत्तों और मवेशियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। इससे पशुओं को बीमारियों से बचाने के साथ-साथ बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा