
जबलपुर। विजयादशमी के अवसर पर जबलपुर में पंजाबी दशहरा महोत्सव का आयोजन पूरे उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण दहन और उसके साथ हुई रंग-बिरंगी आतिशबाजी रही, जिसने आसमान को जगमगा दिया। हजारों की संख्या में एकत्रित दर्शकों ने इस नजारे को कैमरों में कैद किया और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
आतिशबाजी और रावण दहन
इस वर्ष रावण के साथ मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया। जैसे ही रावण का पुतला धधककर धराशायी हुआ, वैसे ही लोगों में उल्लास की लहर दौड़ गई। आतिशबाजी के रंग-बिरंगे फूल आकाश में खिलते ही सभी की निगाहें उसी ओर टिक गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस दृश्य को देखकर भावविभोर हो उठे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मंच पर राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की भव्य झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सांस्कृतिक मंच पर पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। महिला मंडल और युवा कलाकारों ने अपने जोशीले नृत्य और भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही और कलाकारों का उत्साह बढ़ाती रही।
सामाजिक एकता का प्रतीक
पंजाबी दशहरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। आयोजन में शामिल गणमान्य लोगों ने कहा कि यह पर्व हमें सत्य की राह पर चलने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने भी रामायण के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों को याद करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

विशेष आकर्षण और पारंपरिक परिधान
कार्यक्रम की खासियत रही पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों की प्रस्तुति। नारंगी, लाल और नीले रंग के परिधानों में युवा कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर हर तरफ परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला। यही कारण रहा कि कार्यक्रम देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।
शहरवासियों का उत्साह
पंजाबी दशहरा महोत्सव में शहरभर से लोग शामिल हुए। बच्चों ने झांकियों और आतिशबाजी का भरपूर आनंद लिया तो वहीं बुजुर्गों ने रामचरितमानस के प्रसंगों को देखकर अपनी यादें ताजा कीं। यह आयोजन सभी वर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और नगरवासियों ने इसे मिलजुलकर मनाया।

उत्सव का समापन
रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ इस बार का पंजाबी दशहरा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजकों ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पर्व हर साल और भी भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।