
जबलपुर। भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि शनिवार 23 अगस्त को शनैश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या भी कहा जाएगा। पंचांग के अनुसार, यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या व कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है।
शनि देव की उपासना का महत्व
यह दिन भगवान शनि देव की उपासना के लिए समर्पित होता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होकर सुख-समृद्धि आती है। शनि अमावस्या आत्मनिरीक्षण, मानसिक शांति और आध्यात्मिक शुद्धि का श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधक माँ नर्मदा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान कर शनि देव का पूजन कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
विशेष योग और पुण्य फल
इस वर्ष शनि अमावस्या के दिन शिव योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके साथ दिन में पारिघ योग भी रहेगा। इन योगों में भगवान शिव और शनि देव की आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
तिलवारा शनिधाम में 56 भोग महोत्सव
श्री शनि अमावस्या महोत्सव के शुभ अवसर पर तिलवारा स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में दिव्य 56 भोग के साथ भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दिन विशेष पूजन, शनि अभिषेक, दिव्य आरती और मथुरा-वृंदावन से आये महाराज द्वारा निर्मित 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। साथ ही विशाल भंडारे का भी आयोजन होगा।
शनि दोष निवारण का अवसर
पं. सतीश महाराज ने बताया कि शनि की साढ़ेसाती और ढैया से प्रभावित व्यक्ति यदि इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं, तो उनकी परेशानियां कम हो सकती हैं। शनिदेव की महादशा या साढ़ेसाती से परेशान जातकों को इस दिन विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए।
सामूहिक अपील
श्री शनि अमावस्या पर पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह पं. सतीश जी महाराज, पं. अनिल मिश्रा, नितिन शर्मा, विध्येश भापकर, सोनू कुररिया, नितिन भाटिया, संजय तिवारी, शुभम तिवारी, राज सिंह, करण भट्टाचार्य, नितेश राजपूत, हितेश पटेल, विवेक पाण्डेय, शिवा तिवारी, गौरव सेनी, अशोक साहू, गणेश साहू, विजय पटेल, पट्टू उर्प्रीत, मुकेश राठौर, अभिषेक ठाकुर, विजय ठाकुर, राजकुमार पटेल, लक्ष्मण पटेल, आशीष सिंगहरा, रितेश शुक्ला, ब्रजेश कुशवाह, सिद्धांत विनायक, प्रदीप साहू, मनीष साहू, आशीस विश्वकर्मा, ईश्वर दास, अमित पटेल और उमेश विश्वकर्मा ने किया है।