श्रीमद् भागवत देती हैं निष्काम कर्म की प्रेरणा : जगतगुरु नरसिंहदेवाचार्य महाराज

जबलपुर। संस्कृति और संस्कारों को सीखने की पाठशालाओं के साथ घर पर भी माता-पिता को अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए। धर्म, अध्यात्म और विज्ञान सनातन संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। भारतीय संस्कृति में परिवार भाव की विशेष महत्ता है।

श्रीमद् भागवत कथा का निष्काम कर्म का संदेश

श्रीमद् भागवत कथा निष्काम कर्म करने की प्रेरणा देती है। श्रीकृष्ण ने सदैव प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन का भाव रखा है। श्रीहरि नारायण ने अपने अवतारों में प्रकृति से जुड़कर ही लीलाओं का प्रतिपादन किया है।

गीताधाम जबलपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।

गुरुपूर्णिमा के अवसर पर कथा का तृतीय दिवस

गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर 03 से 09 जुलाई बुधवार तक गीताधाम गौरीघाट में अनंत श्री विभूषित पूज्य जगतगुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य जी महाराज के पावन मुखारविंद से पूज्य सद्गुरुओं की सूक्ष्म उपस्थिति में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन हो रहा है। यह विचार महाराज श्री ने कथा के तृतीय दिवस पर व्यक्त किए।

10 जुलाई को होगा गुरुपूर्णिमा महोत्सव

10 जुलाई को श्री नृसिंह मंदिर तथा गीताधाम में गुरुपूर्णिमा महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें गुरुओं का पूजन, अर्चन और वंदन किया जाएगा।

गीता धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पूजन आरती करते श्रद्धालु।

कलश यात्रा में गणमान्य संतों की उपस्थिति

कलश यात्रा में स्वामी हनुमान दास जी महाराज, स्वामी बालकदास जी महाराज, नारायण स्वामी, ब्रह्मचारी हिमांशु, आचार्य रामफल शास्त्री, आचार्य कामता प्रसाद, आचार्य प्रियांशु और संदीप की विशिष्ट उपस्थिति रही।

भावांजलि और पुष्पांजलि अर्पित करने वाले भक्तजन

आज श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर गुरुओं को अपनी भावांजलि, प्रणामांजलि और पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में नन्दा परौहा, किरण पांडेय, गिरिजा बाई, विजय नेमा, रामसेवक पटेल, ऋषि पटेल, संजय विश्वकर्मा, विनोद तिवारी, उमा तिवारी, कमला दुबे, पुष्पा वाई, संदीप, अनीता तिवारी, रेखा संतोष खंपरिया, सनी और मोनी परौहा शामिल रहे।

गुरुपूर्णिमा महोत्सव में आमंत्रण

गुरुपूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के लिए गीताधाम ग्वारीघाट में दोपहर 3 बजे से उपस्थिति का आग्रह नरसिंह मंदिर, गीताधाम परिवार और श्री सनातन धर्म महासभा जबलपुर द्वारा किया गया है।

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