
जबलपुर। श्रीहरि नारायण के परम प्रिय कार्तिक मास के पावन अवसर पर भक्तों के लिए आध्यात्मिक उल्लास का पर्व प्रारंभ हो रहा है। श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के पावन मुखारविंद से दिनांक 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक सायं 3 बजे से प्रतिदिन सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन गीता धाम, गौरीघाट में किया गया है। यह आयोजन श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और जीवन के आदर्शों से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
शोभायात्रा और पूजन से होगी कथा की शुरुआत
कथा के प्रथम दिवस, यानी 25 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से ग्वारीघाट से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा की शुरुआत नर्मदा मैया के पूजन-अर्चन से होगी। भक्ति संगीत, झांकियों और हरिनाम संकीर्तन के साथ यह यात्रा गीता धाम तक पहुंचेगी, जहां श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का मंगलारंभ किया जाएगा। भक्तजन अपने आराध्य श्रीहरि के जयघोष के साथ इस शोभायात्रा में शामिल होकर पुण्य प्राप्त करेंगे।
सप्ताहभर गूंजेगी भक्ति रस की धारा
गीता धाम में प्रतिदिन सायं 3 बजे से कथा का श्रवण होगा, जिसमें श्रीमद् भागवत के विविध प्रसंगों का रसपान भक्तों को कराया जाएगा। कथा के दौरान भक्तों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, उद्धव संदेश, रुक्मिणी विवाह, प्रह्लाद चरित्र और अन्य दिव्य लीलाओं का वर्णन सुनने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन केवल आध्यात्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, करुणा, सेवा और सद्भावना के संदेश को भी सशक्त करेगा।
भक्तमंडल का आमंत्रण और श्रद्धालुओं का उत्साह
श्रीमद् भागवत महापुराण श्रवण करने का आग्रह ब्रह्मचारी हिमांशु जी, शिव प्रसाद गर्ग, श्याम साहनी, अशोक मनोध्या, गुलशन मखीजा, शरद काबरा, प्रवेश खेड़ा, डॉ. संदीप मिश्रा, राजेन्द्र यादव, जगदीश साहू, लोकराम कोरी, विध्येश भापकर सहित नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त मंडल ने किया है। भक्तमंडल के अनुसार, कथा के दौरान गीता धाम में विशेष पुष्प सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।
संत वचनों से मिलेगा जीवन का मार्गदर्शन
जगतगुरु नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा सुनना श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य का विषय माना जा रहा है। उनके प्रवचन न केवल आध्यात्मिक ज्ञान से ओत-प्रोत होते हैं, बल्कि उनमें जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले व्यवहारिक सूत्र भी समाहित रहते हैं। आयोजक मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे इस दिव्य आयोजन में उपस्थित होकर श्रीहरि की कृपा का लाभ प्राप्त करें।