
दीपावली से पहले 14 व 15 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इन दो दिनों को सोना, वाहन, संपत्ति और बहीखातों की खरीदारी के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। भारतीय ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। इस नक्षत्र में की गई खरीदी स्थायी समृद्धि और शुभता प्रदान करती है।
240 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, 14-15 अक्टूबर को आठ-आठ शुभ संयोग रहेंगे। ऐसा 240 साल बाद हो रहा है। 14 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र के साथ शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग रहेंगे। इन योगों में की गई खरीदारी और प्रॉपर्टी में निवेश दीर्घकालिक लाभदायक रहेगा। 15 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमला, वाशि और सरल योग बनेंगे, जिससे निवेश और नई शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा।
पुष्य नक्षत्र का समय और विशेष योग
पुष्य नक्षत्र का शुभारंभ मंगलवार 14 अक्टूबर को प्रातः 11:53 से बुधवार 15 अक्टूबर को प्रातः 11:58 तक रहेगा। इस अवधि में अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं। रविपुष्य नक्षत्र में किसी भी वस्तु की खरीदारी को अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जाता है।
राशि अनुसार निवेश के शुभ क्षेत्र
मेष: भूमि, मकान, खेती, मेडिकल उपकरण और वाहन में निवेश लाभदायक रहेगा। हनुमानजी के सामने सरसों तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ: अनाज, कपड़ा, चांदी, परफ्यूम, दूध उत्पाद, ऑटो पार्ट्स में निवेश शुभ रहेगा। चंद्र के लिए घी का दीपक जलाएं।
मिथुन: सोना, कागज, लकड़ी, स्टील, सौंदर्य सामग्री और पूजन सामग्री में निवेश करें। शहद से श्रीयंत्र का अभिषेक करें।
कर्क: चांदी, चावल, कपड़ा, प्लास्टिक, खिलौने, खाद्य सामग्री में निवेश शुभ। गणेशजी को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
सिंह: सोना, औषधियां, सौंदर्य सामग्री, जमीन-जायदाद, तकनीकी उपकरण में निवेश लाभकारी। हनुमानजी के सामने चमेली तेल का दीपक लगाएं।
कन्या: शिक्षा, औषधियां, खेती उपकरण में निवेश करें। लक्ष्मी गणेश को लड्डू का भोग लगाएं।
तुला: लोहा, स्टील, आधुनिक यंत्र, केमिकल, चमड़ा उद्योग में निवेश शुभ। सूर्य को दूध अर्पण करें।
वृश्चिक: जमीन, खेती, मेडिकल सामग्री, सीमेंट और वस्त्र में निवेश करें। श्रीसूक्त और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु: सोना, रत्न, अनाज, दूध से बने पदार्थ में निवेश करें। सरसों तेल से श्रीयंत्र का अभिषेक करें।
मकर: लोहा, तेल, यंत्र, मेडिकल उपकरण, सौंदर्य सामग्री में निवेश शुभ। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
कुंभ: लोहा, तेल, वाहन, खेती उपकरण में निवेश लाभकारी। भगवान कुवेर का पूजन करें।
मीन: आभूषण, रत्न, चांदी, औषधियां और पशु व्यापार में निवेश शुभ। दुर्गा चालीसा का पाठ करें।