
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दक्षिण पन्ना वनमण्डल में कार्यरत महिला वन अधिकारियों और वनकर्मियों के उल्लेखनीय योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। ये महिलाएँ वन एवं वन्यजीव संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में रहकर न केवल जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण समुदायों को जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अपने साहस, समर्पण और नेतृत्व के माध्यम से ये अधिकारी और वनकर्मी वन प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही हैं।

रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल का प्रभावी नेतृत्व
सलेहा रेंज की रेंज ऑफिसर सुश्री जीतू सिंह बघेल के नेतृत्व में वन संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयासों और वन्यजीव शिकार पर कड़ा नियंत्रण स्थापित किया गया है। साथ ही वन अमले को प्रोत्साहित कर अतिक्रमण हटाने और शिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। उन्होंने ग्राम वन समिति के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं और युवतियों को वन संरक्षण गतिविधियों से जोड़कर जागरूकता बढ़ाने का कार्य भी किया है। सिद्धनाथ मंदिर/आश्रम के समीप वन क्षेत्र में स्थानीय वनकर्मियों के सहयोग से “अगस्त्य वन” के विकास का कार्य भी कराया जा रहा है।
रंजना नागर ने विरासत वृक्षों की पहचान और रेस्क्यू कार्यों में निभाई अहम भूमिका
रैपुरा रेंज की वनपाल एवं डिप्टी रेंजर श्रीमती रंजना नागर ने 100 से अधिक विरासत वृक्षों की पहचान कर उन्हें संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसके अलावा वन्यजीव रेस्क्यू अभियानों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने सैकड़ों बच्चों को “साँप-सीढ़ी” शैक्षणिक खेल वितरित किया। “फ्री मिट्ठू फ्री किट्टू” अभियान के तहत पालतू तोतों और कछुओं को प्राकृतिक आवास में मुक्त कराने का कार्य भी उनके प्रयासों से सफल हुआ है।
भारती कुमार ने वन संरक्षण में निभाई सक्रिय भूमिका
पवई रेंज की वनपाल श्रीमती भारती कुमार वन संरक्षण और प्रबंधन कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। उनके सहयोग से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है तथा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित किया गया है। मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व की स्थितियों में त्वरित प्रबंधन और समन्वय के माध्यम से उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सत्यप्रभा सिंह का वन अपराध रोकने में योगदान
शाहनगर रेंज की वनरक्षक श्रीमती सत्यप्रभा सिंह ग्राम वन समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं। “ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप” के तहत नियमित गश्त कर उन्होंने वन अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सरोज सिंह और गायत्री सिंह भी निभा रहीं अहम जिम्मेदारी
पवई रेंज की वनरक्षक सुश्री सरोज सिंह और श्रीमती गायत्री सिंह भी वन संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। “ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप” के तहत नियमित गश्त कर वे वन अपराधों की रोकथाम में सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा ग्राम वन समितियों में जनजागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण गतिविधियों तथा गिद्ध गणना जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव सर्वेक्षण कार्यों में भी उनकी भागीदारी सराहनीय रही है।
दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ये महिला अधिकारी और वनकर्मी अपने समर्पण, साहस और नेतृत्व से यह संदेश दे रही हैं कि वन संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनके कार्यों को सम्मानपूर्वक स्मरण करना और उनसे प्रेरणा लेना वास्तव में सार्थक है।