
पन्ना। पावन धरा श्री 5 पद्मावती पुरी धाम, पन्ना में परम पूज्य परमहंस संत शिरोमणि हिंदू रत्न डॉ. श्री श्री 108 श्री सदानंद जी महाराज के सानिध्य में आयोजित 65वां दीक्षा ग्रहण समारोह दो दिवसीय भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पहली बार पन्ना धाम में आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के लिए इसे ऐतिहासिक और पुण्यदायी बना दिया।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, भक्ति से गूंजा धाम
कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और धर्म लाभ प्राप्त किया। श्री 5 पद्मावतीपुरी धाम के चारों मंदिरों में आयोजित दिव्य कार्यक्रम भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
गुरु परंपरा का हुआ विस्तृत वर्णन
वक्ताओं ने बताया कि श्री मंगल धाम कालिमपोंग से परमहंस गुरुजी 108 श्री मंगल दास जी महाराज के आशीर्वाद से गुरु परंपरा निरंतर प्रवाहित हो रही है। श्री राधिका धाम भिवानी हरियाणा से परमहंस गुरुजी श्री 108 राधिका दास जी महाराज ने वर्ष 1961 में बैसाखी के पावन दिन 13 अप्रैल को ग्राम जूई भिवानी के बालक भानु को “श्री तारतम महामंत्र” देकर अपना शिष्य बनाया। बाद में वही भानु परमहंस गुरुजी के आशीर्वाद से सदानंद कहलाए और समाज को ज्ञान, भक्ति और सेवा का मार्ग दिखाया।
निजनाम मंत्र की महिमा पर प्रकाश
पन्ना धाम के विद्वान पंडित खेमराज जी शर्मा, पंडित योगेश पांडे, पुजारी दादा भाई, प्रिंस शर्मा, विदुषी कमलाबंती शर्मा, कृष्णा शर्मा, मधु शर्मा और सीमा बंसल सहित अन्य विद्वानों ने “निजनाम” मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना निजनाम के शास्त्रों का अध्ययन अधूरा है। गुरु दीक्षा के माध्यम से ही साधक को सच्चे ज्ञान, भक्ति और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।
भजन, सत्संग और आध्यात्मिक संगोष्ठियों से सजा आयोजन
समारोह के दौरान गुरु महिमा एवं निजनाम के महत्व पर विशेष प्रवचन, भजन-कीर्तन, सत्संग और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। देशभर से संतों और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी दिव्य बना दिया।
सनातन संस्कृति की अनुपम झलक
श्रद्धालुओं ने भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक वेशभूषा धारण की। पुरुषों ने धोती-कुर्ता और माताओं-बहनों ने साड़ी पहनकर सनातन परंपरा को जीवंत रूप दिया।
आभार के साथ हुआ समापन
12–13 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का सफल संचालन कृष्ण कुमार शर्मा द्वारा किया गया। समारोह के अंत में आयोजक अमित सिंगल रावलवासिया भिवानी, विनोद तायल, कैलाश गर्ग, अशोक बंसल, अशोक प्रणामी और राकेश सीडाना ने सभी संतों, विद्वानों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस दिव्य आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा और धर्म लाभ का विशेष अनुभव प्राप्त किया।