
जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा जॉइंट वेंचर को निरस्त कर 660 मेगावाट क्षमता की इकाई अमरकंटक एवं सारणी में स्थापना, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के स्वामित्व से कराए जाने के कैबिनेट प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस एतिहासिक निर्णय पर मध्यप्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं समस्त मंत्रिमंडल, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नीरज मंडलोई व प्रबंध संचालक मंजीत सिंह के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
निर्णय ऐतिहासिक
अभियंता संघ ने कहा कि सरकार द्वारा शाशन की उत्पादन कंपनी के माध्यम से इकाइयों की स्थापना का यह निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी है, जिससे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पुरानी इकाइयों के स्थान पर विश्वस्तरीय नवीनतम तकनीक पर आधारित सुपर क्रिटिकल श्रेणी की इकाइयों की स्थापना न केवल पर्यावरण के अनुकूल होगी, बल्कि प्रदेश में स्थापित अन्य इकाइयों की तुलना में लगभग 50 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली उत्पादन में भी सहायक सिद्ध होगी।
प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
अभियंता संघ के अध्यक्ष श्री हितेश तिवारी ने कहा कि इस कदम से न केवल प्रदेश की जनता को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि दीर्घकाल तक सस्ती एवं विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। साथ ही महासचिव विकास शुक्ला ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा तथा राज्य की विद्युत उत्पादन कंपनी को अपनी क्षमता एवं तकनीकी दक्षता प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।
अभियंता संघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रदेश शासन भविष्य में भी प्रदेशहित एवं विद्युत क्षेत्र की निरंतर प्रगति के लिए इसी प्रकार के दूरगामी एवं जनहितैषी निर्णय लेती रहेगी।