
धनतेरस का पर्व इस वर्ष शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। दीपावली पर्व की शुरुआत के साथ ही धनतेरस पर सोना, चांदी, रत्न, आभूषण, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित नई वस्तुओं की खरीदारी की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे ने धनतेरस पर लग्न और चौघड़िया के अनुसार खरीदारी के शुभ समय बताए हैं।
धनतेरस 2026: लग्न अनुसार खरीदारी के मुहूर्त
पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, धनतेरस पर लग्न के हिसाब से खरीदारी के शुभ समय इस प्रकार हैं:
- कुंभ लग्न: दोपहर 1:28 बजे से 2:59 बजे तक।
- मेष लग्न: शाम 4:27 बजे से 6:04 बजे तक।
- वृषभ लग्न: शाम 6:04 बजे से रात 8:00 बजे तक।
- गोधूलि बेला: शाम 5:19 बजे से रात 7:39 बजे तक।
चौघड़िया के अनुसार शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर चौघड़िया के अनुसार खरीदारी के लिए बताए गए शुभ समय इस प्रकार हैं:
- शुभ: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 1:17 बजे तक।
- चर: दोपहर 4:14 बजे से शाम 5:47 बजे तक।
- लाभ: रात 8:37 बजे से 10:19 बजे तक।
राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:25 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक।
धनतेरस पर खरीदारी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन, सोना, चांदी, रत्न, आभूषण और बर्तन आदि खरीदकर घर लाना शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय कलश के साथ माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ था। इसी के प्रतीक स्वरूप ऐश्वर्य, सौभाग्य और धन वृद्धि की कामना से बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई।
धनतेरस का दिन आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य प्रदोष बेला यानी प्रदोष काल में हुआ था। इसी कारण प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी में धनतेरस का पवित्र पर्व मनाया जाता है।
मान्यता के अनुसार, इस दिन स्थिर लग्न अथवा प्रदोष काल के स्थिर लग्न में बर्तन सहित किसी भी धातु की वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से इस मुहूर्त में धातु या मिट्टी का कलश खरीदने की परंपरा है।