नियमित नियुक्ति की मंजूरी के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं, संविदा बिजली कर्मियों में बढ़ी चिंता

जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन ने बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई है। फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न बिजली कंपनियों में कई वर्षों से संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने के लिए शासन स्तर से स्वीकृति दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आगे की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है।

31 अक्टूबर तक पूरी होनी है नियुक्ति प्रक्रिया

फेडरेशन के अनुसार, ऊर्जा विभाग ने जुलाई 2026 में आदेश जारी कर संविदा कर्मियों को स्वीकृत नए समकक्ष नियमित रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की अनुमति प्रदान की थी। आदेश के तहत पूरी नियुक्ति प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जानी है। इसके लिए बाहरी एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया कराने की जिम्मेदारी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नोडल कंपनी के रूप में सौंपी गई है।

आवेदन और परीक्षा प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग

फेडरेशन ने कहा कि निर्धारित समय सीमा अब काफी नजदीक है। ऐसे में संविदा कर्मचारियों से आवेदन लेने, बाहरी एजेंसी का चयन करने और परीक्षा की संभावित तारीख की जानकारी देने जैसी जरूरी प्रक्रियाएं तत्काल शुरू की जानी चाहिए, ताकि तय समय में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो सके।

प्रक्रिया में देरी से कर्मचारियों में असमंजस

राकेश डीपी पाठक सहित फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि स्वीकृति मिलने के दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचना जारी नहीं होना कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय है। इससे संविदा कर्मियों में असुरक्षा और असमंजस की स्थिति बन रही है।

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से मांग की है कि संविदा कर्मियों के हित में नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।